दरभंगा में खिराई नदी के पानी से बहा डायवर्सन, जाले के एक दर्जन गांवों का सड़क संपर्क टूटा
दरभंगा में खिरोई नदी पर निर्माणाधीन पुल के लिए बना डायवर्सन पहली बारिश में बह गया, जिससे जाले प्रखंड के दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। पुल ...और पढ़ें

जाले क्षेत्र के अधवारा समूह की खिरोई नदी पुल के डायवर्सन पर बहता पानी। जागरण।
HighLights
डायवर्सन बहने से जाले के गांवों का सड़क संपर्क टूटा।
खिरोई नदी पर निर्माणाधीन पुल का काम बाधित हुआ।
ग्रामीणों ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।
संवाद सहयोगी, जाले (दरभंगा)। प्रखंड मुख्यालय जाले को दर्जनों गांवों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग एक बार फिर बाधित हो गया है। मुरैठा रेलवे हाल्ट से मस्सा होते हुए शिवनगर (एसएच-52) जाने वाली सड़क पर अधवारा समूह की खिरोई नदी के खनुआ घाट पर निर्माणाधीन उच्चस्तरीय आरसीसी पुल के लिए बनाया गया डायवर्सन पहली ही बारिश में बह गया।
नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण डायवर्सन पर करीब आठ फीट से अधिक पानी का तेज बहाव हो रहा है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
इसके चलते धनकौल, करवा, मदिलमन, मस्सा, मिर्जापुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के करीब 10 हजार लोगों के समक्ष आवागमन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
अब लोगों को जाले प्रखंड मुख्यालय, कमतौल बाजार तथा मुरैठा रेलवे हाल्ट पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मुरैठा से मस्सा होते हुए मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड के शाहपुर व शिवनगर (एसएच-52) को जोड़ने वाले इस उच्चस्तरीय आरसीसी पुल का शिलान्यास हुए करीब 11 माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत 6.33 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल का शिलान्यास तत्कालीन मंत्री सह स्थानीय विधायक जीवेश कुमार ने किया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने पहले से मौजूद स्क्रू पाइल पुल को तोड़ दिया, लेकिन नए पुल का निर्माण शुरू नहीं किया। आवागमन बनाए रखने के लिए नदी में मिट्टी डालकर बनाया गया डायवर्सन भी पहली ही बारिश में बह गया, जिससे क्षेत्र के लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
मस्सा निवासी संजय प्रसाद एवं मुखिया पति नागेश्वर ने कहा कि डायवर्सन बह जाने से पूरे क्षेत्र के लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अविलंब पुल निर्माण कार्य शुरू कराने और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की है।