दरभंगा में सुरक्षा की तीसरी आंख या जाम का नया कारण? CCTV खंभों पर उठे सवाल
दरभंगा में अपराध नियंत्रण और यातायात सुधार के लिए लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरों के खंभों की स्थिति पर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उनका मानना है कि य ...और पढ़ें

दरभंगा में शहर के बीच में लगे खंभे। जागरण
HighLights
सीसीटीवी खंभों की स्थिति पर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई।
खंभे सड़क की चौड़ाई कम कर जाम बढ़ा सकते हैं।
तकनीकी सर्वे और उचित स्थान चयन की सलाह दी गई।
जागरण संवादाता, दरभंगा। शहर में अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसी कैमरों का नेटवर्क तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
प्रमुख चौक-चौराहों के बाद अब गली-मोहल्लों तक कैमरे लगाने की योजना पर काम चल रहा है। सुरक्षा के लिहाज से यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन कैमरों के लिए लगाए जा रहे खंभों और कंट्रोल बॉक्स की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है।
सड़क के किनारे लगाए जा रहे खंभे
शहर के विभिन्न स्थानों पर कैमरे लगाने के लिए सड़क किनारे कंक्रीट का बेस बनाकर लोहे के खंभे स्थापित किए जा रहे हैं। कई जगह ये खंभे सड़क के काफी करीब हैं। लोगों का कहना है कि इससे पहले से संकरी सड़कों की उपयोगी चौड़ाई और कम हो सकती है।
बड़े वाहनों की आवाजाही पर असर
स्थानीय लोगों का मानना है कि व्यस्त चौक-चौराहों पर खंभों की वजह से बड़े वाहनों के मुड़ने में परेशानी हो सकती है। इससे जाम की समस्या बढ़ने की आशंका है। खासकर बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है।
तकनीकी सर्वे की जरूरत
पूर्व पार्षद प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि शहर में सीसी कैमरे लगाना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन इसके लिए उचित तकनीकी सर्वे और यातायात की जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
उनका कहना है कि यदि खंभों और कंट्रोल बॉक्स का स्थान वैज्ञानिक तरीके से तय नहीं किया गया तो सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो जाएगी। साथ ही सड़क किनारे पांच से सात फीट तक का हिस्सा स्थायी रूप से घिरने से भविष्य में अतिक्रमण बढ़ने की आशंका भी रहेगी।
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दूसरे शहरों जैसा मॉडल अपनाने की सलाह
यातायात विशेषज्ञ मणिशंकर मिश्रा ने कहा कि निगरानी प्रणाली का उद्देश्य सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाना है। यदि इसके लिए बनाए गए ढांचे ही यातायात में बाधा बनने लगें तो योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि कैमरों के खंभे फुटपाथ या अन्य सुरक्षित स्थानों पर लगाए जाएं। दूसरे शहरों की तरह मौजूदा खंभों पर एंगल लगाकर भी कैमरे लगाए जा सकते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई प्रभावित नहीं होगी और निगरानी व्यवस्था भी प्रभावी बनी रहेगी।