Bihar News : पाली क्लीनिक के बाहर खड़ी कार में मिला दरभंगा के डाक्टर का शव
अंबाला में एक पाली क्लीनिक के बाहर खड़ी कार में दरभंगा के लहटा निवासी सरकारी डॉक्टर नंदकुमार झा का शव मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर ...और पढ़ें

डा. नंदकुमार झा की फाइल फोटो।
HighLights
अंबाला में कार में मिला सरकारी डॉक्टर का शव।
मृतक डॉक्टर नंदकुमार झा दरभंगा के लहटा निवासी थे।
पुलिस ने जांच शुरू की, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।
जागरण संवाददाता, अंबाला शहर/अलीनगर (दरभंगा) : सेक्टर-10 स्थित पाली क्लीनिक के गेट नंबर-2 के सामने मंगलवार को एक कार में से अलीनगर के लहटा निवासी सरकारी डाक्टर का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
उनकी पहचान स्व. कुलानंद झा के पुत्र डा. नंदकुमार झा (48) के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर सेक्टर-नौ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
अंबाला व्यापार मंडल के पूर्व प्रधान नीरू वढेरा ने बताया कि रविवार शाम से यह कार यहीं खड़ी थी। कार के अंदर एक शराब की बोतल और तंबाकू का पाउच भी मिला है। मौत के कारणों का अभी पता नहीं चला है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। स्वजन के आने के बाद बुधवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
मूल रूप से दरभंगा जिले के अलीनगर थाना के लहटा गांव के रहने वाले थे। 2011 में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग में सेवा शुरू की थी। वर्तमान में अंबाला शहर स्थित मंजी साहिब गुरुद्वारा के निकट संचालित नशा मुक्ति केंद्र में रह रहे थे और वहीं से उपचार भी चल रहा था।
प्रतिदिन पीएचसी पतरेहड़ी में ड्यूटी के लिए आते-जाते थे। इससे पहले वह सेक्टर-10 में किराये के मकान में रहते थे। इधर, गांव में उनके मौत की सूचना मिलते ही स्वजन में कोहराम मच गया। हरियाणा जाने से पहले कुछ दिनों तक डा. झा ने तारडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी काम किया था।
लहटा पंचायत के मुखिया सतीशचंद्र झा भोला ने बताया कि डा. झा व्यवहार कुशल, सरल स्वभाव के अनुभवी चिकित्सक थे। उन्होंने पटना मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी।
बताते हैं कि दो माह पूर्व ही उनकी पत्नी का भी निधन हो गया था। डाक्टर बिना संतान के थे। वे तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई राम कुमार धनबाद में नौकरी करते हैं।
जबकि मंझला भाई शंकर कुमार झा गांव में रहकर हार्डवेयर दुकान का संचालन परिवार का भरण पोषण करते हैं। डा. झा के असामयिक निधन से पूरे गांव के लोग गहरे सदमे में हैं। उनके भाई शंकर झा शव को लाने के लिए अंबाला रवाना हो गए हैं।