दरभंगा के केवटी में बाढ़ आए तो कहां जाएंगे लोग? शरणस्थली बनी भूसा और गोबर रखने की जगह
दरभंगा के केवटी प्रखंड में 11.49 लाख रुपये की लागत से बनी बाढ़ शरणस्थली जर्जर हालत में है और ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमित है। बाढ़ के दौरान यह महत्वपूर् ...और पढ़ें

दरभंगा में बाढ़ शरणस्थली रेज्ड प्लेटफार्म की स्थिति दयनीय। जागरण
HighLights
दरभंगा की बाढ़ शरणस्थली 11.49 लाख में बनी, जर्जर।
ग्रामीण भूसा-गोबर रखते, कमरों पर अतिक्रमण, अनुपयोगी।
बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिल रहा आश्रय, प्रशासन जांच में।
संवाद सहयोगी, केवटी (दरभंगा) । बाढ़ पीड़ितों को शरण देने के लिए सरकार की ओर से 11.49 लाख रुपये की लागत से दरभंगा के केवटी प्रखंड की लालगंज पंचायत में बनाई गई बाढ़ शरणस्थली रेज्ड प्लेटफार्म की स्थिति दयनीय है।
इस जगह पर ग्रामीण भूसा और गोबर रखते हैं। रखरखाव के अभाव में प्लेटफार्म की फर्श क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके ईद-गिर्द झाड़ियां उग आई हैं।
आसपास के लोगों ने प्लेटफार्म के कमरे को अतिक्रमित कर भूसा जमा कर रखा है। शौचालय की स्थिति दयनीय है। चापाकल खराब है।
बताया जाता है कि प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली अधवारा समूह की बागमती नदी के अलावा कमला - मरने नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद पानी जब क्षेत्र में फैल जाता है, तब बाढ़ पोखर के शरणस्थली रेज्ड प्लेटफार्म की अहमियत बढ़ जाती है।
बाढ़ के समय लालगंज, लहवार, दिघियार व लदारी पंचायत की धोबीगामा एवं महेसाजान आदि गांवों के लिए यह एक मात्र शरणस्थली है। इस क्षेत्र का निचला इलाका जलमग्न हो जाता है।
लहवार पंचायत के परसा विशनपुर-पिलखवारा पथ पर बाढ़ के पानी के बहाव के कारण लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी होती है।
उधर मानसून ने भी दस्तक दे दी है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश से यहां बाढ़ आती है। सरकार की ओर बाढ़ पूर्व तैयारी का आदेश जारी है। बावजूद इसके बाढ़ शरणस्थली रेज्ड प्लेटफार्म की हालत में सुधार नहीं हो सका है।
लालगंज पंचायत के पैक्स अध्यक्ष गठुल्ली गांव निवासी धर्मेन्द्र चौरसिया व मनीष कुमार एवं परसा विशनपुर गांव निवासी रामपुकार यादव और शिवनाथ यादव ने बताया कि पानी के अत्यधिक बेग होने एवं रेज्ड प्लेटफार्म की स्थिति दयनीय रहने के कारण बाढ़ के दौरान पीड़ित परिवार इसका उपयोग करने से कतराते हैं।
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रही सही कसर देखरेख के अभाव में इसकी दयनीय स्थिति पूरी कर रही है। कुल मिलाकर यह रेज्ड प्लेटफार्म अनुपयोगी है, जिसके कारण लोगों को परेशानी होती है। इसे जीर्णोद्धार कर उपयोग में लाने की आवश्यकता है। ताकि बाढ़ के दौरान पीड़ित परिवारों को परेशानी नहीं हो।
हल्का राजस्व कर्मचारी को रेज्ड प्लेटफार्म पर भेजकर इस संबंध में पूरी रिपोर्ट मंगायी जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-भास्कर कुमार मंडल, अंचलाधिकारी, केवटी।