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    दरभंगा में मछली पालकों को मिलेगा नया बाजार, लोगों को मिलेगी ताजी और स्वच्छ मछली

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 10:37 PM (IST)

    दरभंगा में अब खुले में मछली नहीं बिकेगी,  'फ्रेश कैच' योजना के तहत आधुनिक आउटलेट खुलेंगे। इससे शहरवासियों को ताजी मछली मिलेगी और मछली पालकों की आय भी ...और पढ़ें

    यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

    यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

    जागरण संवाददाता, दरभंगा । शहर वासियों को अब ताजी मछलियां खरीदने के लिए मंडी जाने की जरूरत नहीं है। शहर में आधुनिक विशेष आउटलेट खोले जाएगें। जहां साफ-सुथरे वातावरण में ताजी मछली उपलब्ध होगी।

    बिहार सरकार के नए नियमों के तहत खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक लग रखी है और यह पहल बेहतर हाइजीन सुनिश्चित करती है। यह व्यवस्था दरभंगा में मछली प्रेमियों के लिए एक बेहतर और सुविधाजनक विकल्प है।

    'सात निश्चय थ्री' के तहत शुरू हुई 'फ्रेश कैच' योजना के लिए जिले में दो जगहों पर भूमि को चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिससे मछली पालन और डेयरी विकास को नई रफ्तार मिलेगी। राज्य सरकार की 'सात निश्चय थ्री' योजना के तहत अब मछली व्यवसाय को नया रूप देने की तैयारी है।

    फुटपाथों से मांस-मछली की दुकानें हटाने के बीच सरकार 'सुधा' दूध पार्लरों की तर्ज पर आधुनिक 'फ्रेश कैच' कियोस्क खोलने जा रही है।जिले में इसे लेकर जिले में दो फिश आउटलेट के लिए जिला मत्स्य पदाधिकारी ने नगर निगम और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी व सीओ को पत्र भेजकर एनओसी की मांग की गई है।

    इसके लिए 225 वर्ग फीट भूमि चिन्हित करते हुए आउटलेट के लिए एनओसी की मांग की गई है। शुरुआत बक्सर जिले से तेज कर दी गई है, जिससे न केवल उपभोक्ताओं को ताजी मछली मिलेगी, बल्कि सड़कों पर लगने वाली गंदगी से भी निजात मिलेगी।

    फ्रेश कैच' योजना का उद्देश्य

    राज्य सरकार के 'कृषि में प्रगति, प्रदेश की समृद्धि' संकल्प के तहत डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए यह महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी उपभोक्ताओं को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण मछली उपलब्ध कराना है। इन आधुनिक कियोस्क के माध्यम से मछली पालकों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और उन्हें सीधा बाजार उपलब्ध होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

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    स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

    इस पहल से जिले के मत्स्य पालकों में उत्साह है। मत्स्य पालक धर्मेंद्र सहनी, महेश मुखिया, राजो मुखिया ने बताया कि आधुनिक कियोस्क से मछली के व्यापार में पारदर्शिता आएगी और विक्रेताओं को उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। साथ ही, व्यवस्थित तरीके से बिक्री होने से बाजारों और फुटपाथों पर फैलने वाली गंदगी की समस्या का भी स्थायी समाधान हो सकेगा।

    नगर परिषद और नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारियों को पत्र लिखकर उपयुक्त भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक कियोस्क के लिए 15 गुणे 15 वर्ग फीट भूमि की आवश्यकता होगी। विभाग ने अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करने को कहा है। विभाग की ओर से जिला पदाधिकारी और अपर समाहर्ता को भी इस परियोजना की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।
    अनुपम कुमार,जिला मत्स्य पदाधिकारी, दरभंगा।