ज्ञान की धरती पर कट्टा कल्चर! बम; गन फैक्ट्री और रील ने बढ़ाई बिहार पुलिस की चिंता
दरभंगा में अवैध हथियारों, बम विस्फोटों और युवाओं द्वारा कट्टा के साथ रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति ने कानून-व्यवस्था और मिथिला की पहचान पर सवाल खड़े कर ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
दरभंगा में अवैध हथियारों का बढ़ता नेटवर्क चिंताजनक।
बम विस्फोट में एक मजदूर की मौत, दूसरा घायल।
युवाओं द्वारा कट्टा के साथ रील बनाना चुनौती।
मुकेश कुमार श्रीवास्तव, दरभंगा । कभी विद्वानों, दार्शनिकों और साहित्यकारों की कर्मभूमि रही दरभंगा की पहचान आज एक चिंताजनक मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। जिस धरती ने ज्ञान, संस्कृति और सभ्यता का संदेश पूरे देश को दिया, वहीं अब कुछ युवाओं के हाथों में कलम की जगह कट्टा नजर आने लगे हैं।
अवैध हथियारों की असेंबलिंग, उसकी खरीद-बिक्री और हो रहे विस्फोट न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन गई हैं, बल्कि मिथिला की गौरवशाली पहचान पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
पतोर थाना क्षेत्र के चंदनपट्टी चंचलनगर में सात जुलाई की सुबह हुए विस्फोट में एक मजदूर की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। इस हादसे ने यह संकेत दिया है कि जिले में अवैध हथियारों का नेटवर्क काफी सक्रिय है।
समय-समय पर पुलिस की कार्रवाई में हथियारों की बरामदगी तो होती है, लेकिन इससे जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना पुलिस के लिए चुनौती बनी है।
कमतौल थाना क्षेत्र के पौनद गांव में अवैध मिनी गन फैक्ट्री के कारीगर संजय कुमार दास को आठ जुलाई को गिरफ्तार कर तीन देसी पिस्टल, चार मैगजीन, 7.64 एमएम की 70 कारतूस सहित कई उपकरण को जब्त किया गया। लेकिन, सरगना अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। यहां से अब तक कितने पिस्टल का असेंबलिंग किया गया , कितने की बिक्री हुई, खरीदार कौन-कौन थे, इन सभी सवालों का उत्तर अब भी शेष है।
धमाका और मौत में पुलिस के हाथ खाली
पतोर थाना क्षेत्र के चंदनपट्टी चंचलनगर में सात जुलाई की सुबह विवादित भूमि पर हुए बम विस्फोट में स्थानीय निवासी मजदूर सियाराम पासवान के पुत्र कमलेश पासवान (27) की मौत इलाज दौरान पीएमसीएच में हो गई । जबकि, लक्ष्मी पासवान के पुत्र रामबाबू पासवान (35) अब भी पीएमसीएच में जिंदगी और मौत से लड़ रहा है।
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चहारदीवारी निर्माण में मजदूरी कर रहे दोनों मजदूरों को झोला में बम के टंगे होने की तनिक भी आभास नहीं था। लेकिन, टिफिन समझकर उसे उतराना और तख्ता से टकराने के साथ उसके ब्लास्ट होना दोनों के लिए महंगा साबित हो गया।
घटना के विरोध में छह घंटों तक सड़क जाम रहने और लोगों के आक्रोश को देखते हुए भी पुलिस धमाके के उद्देश्य और क्षमता तक नहीं पहुंच पाई है। पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली है।
बरामद अवशेष को जांच के लिए एफएसएल की टीम ने सुरक्षित किया है। लेकिन, बम लाया कौन, सुनसान जगह पर झोला में रखकर इसे टांगकर रखने का क्या मंसा था आदि सवाल के जवाब अब भी पुलिस खंगाल रही है। ऐसे लोगों के विरोध के देखते हुए पुलिस ने मो. नेयाज को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत भेज दिया है।
हाथ में कट्टा लेकर रील बनाने की बढ़ रही प्रवृति
इन दिनों हाथ में कट्टा लेकर रील बनाने की बढ़ रही प्रवृति पुलिस के सामने चुनौती पेश कर रहे हैं। हालांकि, कई की गिरफ्तारी भी हुई है। इंटरनेट मीडिया पर हथियार लहराने का वीडियो प्रसारित होने के मामले में बहेड़ा थाने की पुलिस ने छह जुलाई को दो कारतूस लोडेड पिस्टल बरामद कर चार युवकों में गिरफ्तार कर लिया।
इसमें बहेड़ा थानाक्षेत्र के जयंतीपुर दाथ निवासी नीतीश कुमार मुखिया, हरसिंहपुर निवासी सोनू कुमार सहनी, अलीनगर थाना क्षेत्र के धमसाइन निवासी कुश यादव और घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के हरसिंहपुर गांव निवासी विजय कुमार सहनी शामिल हैं।
वहीं बहादुरपुर थाने की पुलिस ने 12 जून को पिस्टल और तीन कारतूस के साथ विशनपुर थानाक्षेत्र के डगरौल निवासी प्रिंस कुमार, नया नगर निवासी किशोर यादव और बहेड़ी थानाक्षेत्र के उज्जेना निवासी प्रिंस कुमार लाल देव को गिरफ्तार किया था।
वहीं सोनकी थाने की पुलिस ने 13 जून को कट्टा और कारतूस के साथ सदर थानाक्षेत्र के घोई निवासी विक्की मंडल, मुकुल कुमार सिंह और फेकला थानाक्षेत्र के घोरघट्टा निवासी संदीप कुमार यादव को गिरफ्तार किया था।
लेकिन, जानकारों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और सकारात्मक अवसर उपलब्ध कराना होगा। साथ ही अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और समाज को भी युवाओं को सही दिशा देने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
विस्फोट मामले में जांच चल रही है। जो अवशेष मिले हैं उसकी जांच कराई जा रही है। लैब से रिपोर्ट मिलने के बाद ही इसके प्रकार और क्षमता के संबंध में कुछ कहा जा सकता है। विस्फोटक पदार्थ रखने की मंशा क्या थी, इसकी जांच चल रही है। ऐसे अब तक एक की गिरफ्तारी हुई है।
जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी , एसएसपी, दरभंगा