दरभंगा में मोबाइल लोकेशन ने खोली पोल, नाबालिग को भगाने वाला गिरफ्तार
दरभंगा पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर नाबालिग के अपहरण और जानलेवा हमला के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक हिर ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।
HighLights
मोबाइल लोकेशन से नाबालिग अपहरण का आरोपी गिरफ्तार।
जानलेवा हमला मामले का फरार आरोपी भी दबोचा गया।
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
संवाद सहयोगी, सिंहवाड़ा (दरभंगा)। फरारी के भरोसे कानून से बचने की कोशिश कर रहे दो आरोपित आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गए। एक मामले में मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना ने नाबालिग को भगाने के आरोपित की छिपने की जगह उजागर कर दी, जबकि दूसरे मामले में जानलेवा हमला के आरोपी को भी दूसरे जिले से दबोच लिया गया। दोनों को रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग
थानाध्यक्ष बसंत कुमार ने बताया कि थाना कांड संख्या 162/26 में वांछित सिंहवाड़ा निवासी जितेंद्र चौपाल को शनिवार रात कमतौल थाना क्षेत्र के पिंडारूच गांव से गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर की गई। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप
जितेंद्र चौपाल के खिलाफ 23 मई को नाबालिग लड़की की मां ने सिंहवाड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होने के अगले ही दिन त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपित गिरफ्तारी से बचता रहा। लगातार तकनीकी अनुसंधान के बाद आखिरकार पुलिस ने उसे धर दबोचा।
जानलेवा हमला का आरोपी भी गिरफ्तार
दूसरे मामले में सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के महेशपट्टी निवासी मो. एहसानुल्लाह उर्फ लाडले को मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। वह जानलेवा हमला के मामले में नामजद अभियुक्त था। इस संबंध में मो. परवेज की पत्नी सुल्ताना परवीन ने सिंहवाड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। घटना के बाद से वह भी फरार चल रहा था।
दोनों को भेजा गया न्यायिक हिरासत में
थानाध्यक्ष बसंत कुमार ने बताया कि दोनों आरोपितों को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी अनुसंधान और खुफिया सूचना का प्रभावी उपयोग लगातार किया जा रहा है।