बीपीएससी में दरभंगा का जलवा, प्रिया एसडीएम, सविता आरडीओ, कुंदन वरिष्ठ उप समाहर्ता बने
बीपीएससी परीक्षा में दरभंगा के तीन मेधावी छात्रों प्रिया, सविता और कुंदन झा ने शानदार सफलता हासिल की है। प्रिया एसडीएम, सविता आरडीओ और कुंदन वरिष्ठ उप ...और पढ़ें

अपने स्वजन के साथ दरभंगा की प्रिया।
HighLights
प्रिया बीपीएससी टॉप टेन में शामिल, एसडीएम बनीं।
सविता कुमारी आरडीओ पद पर चयनित, दरभंगा का नाम रोशन।
कुंदन झा वरिष्ठ उप समाहर्ता बने, 92वीं रैंक हासिल।
संवाद सहयोगी , दरभंगा । मात्र दो दिन पहले ही संघ लोक सेवा आयोग के रिजल्ट में सीएपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के लिए चयन की खुशी थमी नहीं थी कि बीपीएससी के टाप टेन में प्रिया का नाम शामिल हो गया।
वह भी प्रथम प्रयास में ही। यह दरभंगा की की मेधा का अद्भुत परिचय है जिसके बल पर प्रिया का नाम रविवार की सुबह छात्रों और युवाओं के सामने गूंज रहा था। किसी ने कहा कि ,अरे वही प्रिया,जो कादिराबाद के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी।
अब एसडीएम बनेगी। लक्ष्मी सागर के दुकानदार सुभाषचन्द्र लाल यादव और गृहिणी ज्योति कुमारी की पुत्री प्रिया बचपन से ही मेधावी थी।
कहा कि 12 वीं के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक और स्नातकोत्तर किया। बचपन से ही अपने दादा श्याम बिहारी लाल यादव की सीख को गांठ बांध ली थी। उन्हीं की सीख और मां की प्रेरणा ने बताया कि लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ो।
आज यही सूत्र काम आया जिसके बल पर यह मुकाम पाया। सफलता के लिए कोई शार्ट कट नहीं होता।केवल समग्र तैयारी ही इसका एकमात्र सूत्र है।
शुरू से एक लक्ष्य निर्धारित कीजिए और उसकी प्राप्ति के लिए पूरे मनोयोग से लग जाइए। प्रिया की सफलता पर आरडीडीई कार्यालय के राजीव कुमार ने भी बधाई दी है।
शिक्षक दंपती सविता बनीं आरडीओ
बेनीपुर । प्रखंड क्षेत्र के कन्हौली निवासी सह मध्य विद्यालय धोबियाही बाथो के प्रधानाध्यापक श्रवण कुमार पासवान तथा प्राथमिक विद्यालय बाथो मुसहरी की शिक्षिका अमेरिका देवी की पुत्री सविता कुमारी ने बीपीएससी की परीक्षा में 3353 वीं रैंक हासिल की है।
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वह आरडीओ (ग्रामीण विकास पदाधिकारी) बनी हैं। सविता इससे पूर्व राजस्व पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर रह चुकी है।
सविता ने सफलता का श्रेय वरीय कोषागार पदाधिकारी डा. ललित कुमार, बीडीओ महेश्वर पंडित सहित माता पिता को दे रही है।
कसरौर-बसौली के कुंदन झा को 92वीं रैंक, बने वरिष्ठ उप समाहर्ता
गौड़ाबौराम। प्रखंड के कसरौर-बसौली गांव के कुंदन कुमार झा ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 92वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के साथ उन्हें वरिष्ठ उप समाहर्ता (सीनियर डिप्टी कलेक्टर) का पद मिला है।
उनकी सफलता से गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है तथा लोगों ने उन्हें बधाई दी है। कुंदन कुमार झा के पिता प्रकाश झा दिल्ली में एक निजी कंपनी काम करते हैं।
माता त्रिवेणी देवी गृहिणी हैं। दादा रामचंद्र झा कसरौर-बसौली में किसानी करते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग और निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने अपने पहले ही बीपीएससी प्रयास में यह सफलता हासिल की है।
कुंदन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने बताया कि आम लोगों की समस्याओं को करीब से देखने और समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाने की इच्छा ने उन्हें प्रशासनिक सेवा की ओर प्रेरित किया।
बीपीएससी की तैयारी से पहले उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की भी तैयारी की। दो प्रयासों में उन्होंने दो बार मुख्य परीक्षा तथा एक बार साक्षात्कार तक का सफर तय किया।
एक अवसर पर वे अंतिम चयन सूची से मात्र 18 अंकों से पीछे रह गए। हालांकि, यूपीएससी की तैयारी ने ही उन्हें बीपीएससी के लिए मजबूत आधार प्रदान किया।
उन्होंने करीब दो से तीन वर्षों तक लगातार यूपीएससी और बीपीएससी की तैयारी की तथा प्रारंभिक परीक्षा की अपेक्षा मुख्य परीक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।
तैयारी के दौरान उन्हें मानसिक तनाव, शारीरिक कमजोरी और आत्म-संदेह जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में परिवार का सहयोग उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।
जब भी निराशा महसूस होती थी, वे अपने लक्ष्य और इस यात्रा को शुरू करने के कारणों को याद करते थे। कुंदन प्रतिदिन लगभग 10 घंटे अध्ययन करते थे और मुख्य रूप से रात के समय पढ़ाई करना पसंद करते थे।
उन्होंने अधिकतर तैयारी स्वाध्याय के माध्यम से की तथा साक्षात्कार से पूर्व कुछ संस्थानों में माक इंटरव्यू दिए। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों और टेस्ट सीरीज का नियमित अभ्यास किया। कुंदन कुमार झा की सफलता पर क्षेत्र के विधायक सुजीत कुमार , शिक्षकों, बुद्धिजीवियों एवं ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।