यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Darbhanga News: दरभंगा में मूर्ति विसर्जन दौरान बवाल, रोड़ेबाजी में कई गंभीर रूप से घायल; घरों-दुकानों में तोड़फोड़
Darbhanga Murti Visarjan बिहार के जाने माने शहर दरभंगा में एक बार फिर से माहौल बिगड़ गया है। सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जन के दौरान उपद्रवियों ने जमकर ...और पढ़ें

HighLights
- दरभंगा में उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया
- उपद्रवियों ने कई दुकानों और घरों में की तोड़फोड़
जागरण संवादददाता, दरभंगा। Darbhanga News Today: सदर थानाक्षेत्र के मुरिया गांव में गुरुवार को सरस्वती पूजा के विसर्जन जुलूस दौरान जमकर बवाल हुआ। अचानक छत से जुलूस पर रोड़ेबाजी होने लगी। इससे विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति हो गई। सभी जान बचाने के लिए ट्रैक्टर में लदी मूर्ति को छोड़कर जैसे-तैसे भागने को मजबूर हो गए। बावजूद, दर्जन से अधिक लोग इसमें चोटिल हो गए। जबकि, कुछ लोगों के गंभीर रूप से जख्मी होने की भी सूचना है।
उपद्रवियों की संख्या अधिक होने से पुलिस को पीछे हटना पड़ा
सभी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर भालपट्टी ओपी पुलिस ने उपद्रवियों पर काबू करने की कोशिश की। हालांकि, उपद्रवियों की संख्या अधिक रहने से पुलिस को पीछे हटना पड़ा। इसमें अवर निरीक्षक ध्रुव चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल और चोटिल होने की बात कही गई है। इस बीच उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। कई दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की।
कई घरों में घुस कर लोगों की पिटाई की गई
कई घरों में घुस कर लोगों की पिटाई की। पुरुष की बात तो दूर महिलाएं भी चोटिल और जख्मी हैं। घटना में काफी संपत्ति की क्षति होने की बात कही जा रही है। हालांकि, सूचना पर डीएम राजीव रोशन और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी पूरे लाव लश्कर के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। पूरे सड़क पर ईंट ही ईंट नजर आ रहा था। इसके बाद दंगा नियंत्रण दस्ता, बीएमपी, सीआइएटी दस्ता सहित कई थाने की पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ दिया।
उपद्रवियों की खोज में ताबड़तोड़ छापामारी जारी
इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। हालांकि, तनाव कायम है। इसे देखते हुए पुलिस कैंप कर रही है। उपद्रवियों की खोज में पुलिस ताबड़तोड़ छापामारी कर रही है। उधर, डीएम और एसएसपी ने दोनों पक्षों के लोगों से वार्ता की। जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की मदद से सभी मूर्तियों को विसर्जन कराने में जुटे हैं। हालांकि, जुलूस में शामिल लोगों ने विसर्जन करने से पहले कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए है। इसे देखते हुए मुरिया के ताली चौक रेलवे गुमटी चौक को लोगों ने जाम कर दिया है।
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दुकानों और घरों में लूटपाट की घटना को अंजाम दिया
इससे सड़क पर 27 ट्रैक्टर पर मूर्तियां विसर्जन के लिए लाइन में खड़ी हैं। इसमें ट्रैक्टर की मदद से यातायात को अवरुद्ध कर दिया गया है। जुलूस में शामिल लोगों का कहना है कि उपद्रवियों ने उन लोगों पर रोड़ेबाजी की, मूर्तियां को क्षति पहुंचाई। दुकान और घर में लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। दर्जन से अधिक लोग चोटिल और घायल हैं। इसमें राजेश साह को भर्ती कराया गया है।
नरेश साह की पत्नी पूनम देवी, कैलाश महतो, उनकी बहू सुनीता देवी और नीता देवी, करण यादव, सत्यनारायण चौधरी, राधा देवी, रुपा रानी, राजकुमार चौधरी, पवन चौधरी, सुधा देवी आदि कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हैं। कहा है कि कैलाश महतो की बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। कहा कि गांव के मो. अफतार के छत से अचानक रोड़ेबाजी हुई । दर्जनों ने लोगों ने ताडंव मचाया। पुलिस वालों को भी नहीं छोड़ा।
डीएम राजीव रोशन का आया बयान
उधर, डीएम राजीव रोशन ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। दोनों पक्षों से वार्ता कर मूर्ति विसर्जन कराया जा रहा है। रोड़ेबाजी में कई घरों के एस्बेस्टस टूट गए हैं, इसकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी। उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। दोषी चाहे जो हो उस पर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी।
डीएम बोले- सख्त कार्रवाई होगी
डीएम ने कहा कि मूर्ति टूटने की बात सामने नहीं आई है, हो सकता है रोड़ेबाजी में नुकसान पहुंचा हो, बहरहाल इसकी भी जांच की जा रही है। वहीं एसएसपी ने कहा कि स्थिति नियंत्रित में है। गांव में पुलिस बल तैनात है। विसर्जन कराया जा रहा है। पूरे मामले की जांच कर उपद्रवियों सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना को कोई अंजाम देने की कोशिश नहीं करें।
घटना के संबंध में बताया जाता है कि मुरिया बाजार से मुरिया, माली टोल, अदलपुर आदि जगहों से लोग मूर्ति विसर्जन करने के लिए जीवछ घाट जाते हैं। इसमें दर्जन से अधिक मूर्तियां जुलूस में शामिल रहता है। पहले से संवेदनशील गांव रहने के कारण पुलिस की चाक-चौबंध व्यवस्था की गई थी। बावजूद जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने पूर्व मुखिया के घर होते हुए जाने की कोशिश की। इसी बीच अचानक विरोध होने लगा और रोड़ेबाजी शुरू हो गई।