दरभंगा में एलपीजी सिलेंडर की कमी से कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन ठप
जाले के कई विद्यालयों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण मध्याह्न भोजन बंद हो गया है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि एजेंसियों द्वारा आपूर्ति ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
जाले के कई स्कूलों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर का अभाव।
प्रधानाध्यापक घरेलू सिलेंडर या महंगी जलावन उपयोग को मजबूर।
एमडीएम प्रभारी ने चावल की कमी बताई, भोजन जल्द शुरू होगा।
संवाद सहयोगी,जागरण, जाले । एलपीजी गैस कमर्शियल सिलेंडर के अभाव में कई विद्यालयों का मध्यान्य भोजन बंद हो गया है। प्राधानाध्यापक का कहना है कि विभागीय निर्देशानुसार मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए कमर्शियल सिलेंडर का ही इस्तेमाल करना है।
गैस एजेंसियों द्वारा कमर्शियल सिलेंडर आपूर्ति नहीं होने से एमडीएम बंद है, नगर परिषद जाले के मध्य विद्यालय खेसर के प्रभारी एचएम डा. कृष्ण बाबू प्रसाद रजक ने बताया कि उनके विद्यालय का कार्ड ओमएचपी राढ़ी का है।
कामर्शियल सिलेंडर के लिए एजेंसी कर्मियों को खुशामद करते हुए जब थक गए, तब जाकर नौ रुपये किलो जलावन व तीन रुपया किलो भाड़ा देकर जलावन खरीदा था ।
कुछ दिनों तक भोजन जलावन पर बना, फिलहाल चावल के अभाव में मिड डे बंद है। प्रावि सुभाष चौक जाले के प्रधानाध्यापक पंकज कुमार झा ने बताया कि उनके विद्यालय का भी गैस कार्ड ओम एचपी राढ़ी का है, उक्त एजेंसी में कमर्शियल सिलेंडर नहीं है, देवी मां गैस एजेंसी जाले में कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध है, परन्तु ट्रांसफर की प्रक्रिया लंबी होने से गैस के अभाव में एमडीएम बंद करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि दुकानों में लकड़ी की कीमत आठ से 12 रुपये किलो है, विद्यालय पहुंचाने पर कीमत बढ़कर 16 से 17 रुपया हो जाता है, वहीं कच्चा लकड़ी रहने से धुआं अधिक होता है।
धुआं से मध्यान्ह भोजन का स्वाद भी खराब हो जाता है। दूसरी ओर मध्य विद्यालय रेवढ़ा के प्रधानाध्यक खालिद जौहर ने बताया कि उनके विद्यालय का भी कार्ड ओमएचपी राढ़ी का है ।
कमर्शियल सिलेंडर न मिलने पर उन्होंने विभाग को इस आशय की सूचना देते हुए अपना डोमेस्टिक सिलेंडर का इस्तेमाल एमडीएम निर्माण के लिए शुरु कर दिया है, प्राथमिक कन्या मकतब के एचएम चन्द्रभूषण व बुनियादी विद्यालय दोघरा के प्रभारी एचएम दिलीप राज ने बताया कि उनके विद्यालय के सिलेंडर में फिलहाल गैस है, खत्म होने के उपरांत बीईओ के निर्देशानुसार कार्य किया जाएगा।
एमडीएम प्रभारी इमरान ने बताया कि सिलेंडर की वजह से एमडीएम बंद का आंकड़ा उनके पास नहीं है, चावल का उठाव समय से न होने के कारण कुछ विद्यालयों में एमडीएम ठप है, मंगलवार को चावल का उठाव हो रहा है, अगले दिन से मध्यान्ह भोजन बनना प्रारंभ हो जाएगा।
बताया कि विभाग का मौखिक आदेश है कि कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने पर तब तक के लिए डॉमेस्टिक सिलेंडर का ही इस्तेमाल किया जा सकता है, अन्यथा लकड़ी आदि पर ही सही मगर एमडीएम अवश्य बनाना है।