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    बिहार में सपने बड़े, मैदान छोटे... दरभंगा के खिलाड़ियों का संघर्ष जारी 

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 11:57 AM (IST)

    दरभंगा में खेल मैदानों की भारी कमी और बदहाली से युवा प्रतिभाओं का विकास बाधित हो रहा है, जिससे वे गलत आदतों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। नेहरू स्टेडियम क ...और पढ़ें

    नेहरू स्टेडियम में अभ्यास करते खिलाड़ी।

    नेहरू स्टेडियम में अभ्यास करते खिलाड़ी।

    HighLights

    1. दरभंगा में शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदानों की भारी कमी।

    2. नेहरू स्टेडियम अतिक्रमण व देखरेख के अभाव में बदहाल।

    3. आधुनिकीकरण और मनरेगा से नए मैदानों के विकास की योजना।

    जागरण संवाददाता, दरभंगा । जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल के मैदानों की भारी कमी है। इस कारण मौजूदा मैदानों की दयनीय स्थिति के कारण युवाओं को शारीरिक, मानसिक और खेल कौशल विकसित करने में काफी परेशानी हो रही है।

    जिले के कई खेल मैदान या तो अतिक्रमण की चपेट में हैं या देखरेख की कमी से बदहाल हैं। जिससे हाकी, क्रिकेट और फुटबाल जैसे खेलों के लिए उपयुक्त मैदान नहीं बचे हैं।

    खिलाड़ियों को नियमित प्रैक्टिस का नहीं मिल पाता मौका 

    लहेरियासराय स्थित नेहरू स्टेडियम स्थानों पर अक्सर प्रशासनिक कार्यक्रमों या निजी आयोजनों के कारण खिलाड़ियों को नियमित प्रैक्टिस का मौका नहीं मिल पाता है। ग्रामीण इलाकों में भी खेल मैदान न होने से युवा प्रतिभाएं निखरने से पहले ही दम तोड़ रही हैं।

    और वे सड़क के किनारे या खुले खेतों में खेलने को मजबूर हैं। जहां मैदान उपलब्ध भी हैं। वहां टर्फ (दूब घास), गोल पोस्ट या मार्किंग जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं हैं। खेल के मैदान न होने से युवा मोबाइल गेम या अन्य गलत आदतों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

    जिसका उनके शारीरिक व मानसिक विकास पर बुरा असर पड़ रहा है। जिले की पंचायतों में मनरेगा के माध्यम से खेल के मैदान विकसित करने की योजना चल रही है।

    कुल 189 प्रस्तावित मैदान तैयार हो चुके हैं। सांसद खेल महोत्सव के दौरान दरभंगा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल मैदान विकसित करने की घोषणा की गई। लहेरियासराय स्थित नेहरू स्टेडियम को सुसज्जित करने और मिथिला यूनिवर्सिटी के ग्राउंड को बेहतर बनाने की मांग खेल प्रेमी लगातार कर रहे हैं।

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    सैदनगर के खिलाड़ी गौतम कुमार बताते हैं कि दरभंगा महाराज के पोलो ग्राउंड नेहरू स्टेडियम तो बन गया पर टर्फ क्रिकेट ग्राउंड नष्ट है। राजनीतिक कार्यक्रम आयोजनों के चलते खिलाड़ियों को दिक्कत हो रही है।

    अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को खेल मैदान दुरुस्त करनी चाहिए। वहीं केएम टैंक के रहने वाले बलराम झा कहते हैं कि लहेरियासराय स्थित नेहरू स्टेडियम को सुसज्जित करने और मिथिला यूनिवर्सिटी के ग्राउंड को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

    तब जाकर खेल का विकास होगा। बहादुरपुर बरूआरा के मयंक विश्वास कहते हैं कि पंचायतों में मनरेगा के माध्यम से खेल के मैदान विकसित करने की योजना चल रही है। लेकिन यह योजना भी लूट की योजना बन कर रह गई है।

    जिले में नेहरू स्टेडियम को आधुनिक रूप से विकसित करने के लिए विधायक संजय सरावगी ने भवन निर्माण विभाग, नगर निगम और खेल विभाग के वरीय अधिकारी के साथ बैठक किए थे। जो काफी कारगर साबित हो रहा है। दरभंगा के खिलाड़ियों को आने वाले समय में आधुनिक सुविधा से लेस नेहरू स्टेडियम देखने को मिलेगा। जो खिलाड़ियों के लिए काफी लाभदायक होगा।
    - चंदन कुमार, प्रभारी जिला खेल पदाधिकारी, दरभंगा।