दरभंगा में पुलिस की रडार पर 113 संदिग्ध, नामजद लोग बोले-हम नहीं थे मौके पर
दरभंगा के लोहिया चौक पर हुई रोड़ेबाजी में पुलिस ने 113 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की हैं, जिनके सत्यापन में आम लोगों से भी मदद मांगी गई है। मामले में ...और पढ़ें

पुलिस की ओर से जारी आरोपितों की तस्वीर।
जागरण संवाददाता, दरभंगा। लहेरियासराय के लोहिया चौक पर आंदोलन के दौरान रोड़ेबाजी में 113 उपद्रवियों की तस्वीर पुलिस ने जारी की है। इनके सत्यापन में पुलिस जुटी है। आमलोगों से भी मदद मांगी है।
शहर में हुई घटना को लेकर चौक-चौराहों पर तैनात पुलिस बल को रविवार को हटा लिया गया। वहीं, प्राथमिकी के बाद कुछ लोग खुद को आंदोलन से अलग बता रहे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष जमाल हसन भी कुछ ऐसा ही दावा कर रहे, उनका कहना है कि वे 19 जुलाई से ही बाहर में हैं। वहीं उप महापौर नाजिया हसन प्राथमिकी में अपना नाम आने का ठीकरा भाजपा पर फोड़ रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हसन ने बताया कि 22 जुलाई को शाम 4:50 बजे सियालदह रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। 23 जुलाई को सुबह लगभग 11 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से अपने भाई के आवास पहुंचे।
अपनी यात्रा से संबंधित टिकट, फोटो, वीडियो तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्य मीडिया के समक्ष प्रस्तुत कर दिए गए हैं। यदि उनके मोबाइल नंबर 8271550001 की काल डिटेल एवं लोकेशन की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि संबंधित तिथि को वह दरभंगा में नहीं, बल्कि बाहर में थे।
उन्होंने बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।उन्होंने कहा कि सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहने के कारण उनके विरुद्ध पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हुए हैं, किंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि जिन घटनाओं से उनका कोई संबंध नहीं है, उनमें भी उनका नाम शामिल कर दिया जाए।
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उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों तथा निष्पक्ष प्रशासनिक प्रक्रिया के विरुद्ध बताते हुए पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं उप महापौर नाजिया हसन ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा है कि उनके नेतृत्व में समाहरणालय तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया।
जब हमारी रैली निकलने वाली थी तो भाजपा के कुछ नेताओं ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किया था कि आइए हम आपका करेंगे। जिसका स्क्रीन शाट उनके पास है। भाजपा नेताओं के घर के पास कुछ बच्चे उनको देख गलत नारा लगाने लगे।
इस दौरान वे बच्चों को समझाने लगी। इसी बीच भाजपा नेताओं ने बच्चों को उकसा दिया। इसके बाद उपद्रव की घटना हुई। प्रशासन सही से जांच करे तो सब साफ हो जाएगा। वह बांस उठाकर अपने समर्थक बच्चों को रोकने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर साथ नहीं देने का आरोप लगाया है।