दरभंगा में बेटे के जन्मदिन पर पहुंचा था पति, मिली मौत, पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद
दरभंगा की अदालत ने प्रेम-प्रसंग में पति राम कुमार साह की निर्मम हत्या के जुर्म में पत्नी संगीता देवी और उसके प्रेमी कुंदन कुमार को आजीवन कारावास की सज ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
पत्नी और प्रेमी को पति की हत्या में उम्रकैद।
बेटे के जन्मदिन पर हुई थी निर्मम हत्या।
दरभंगा कोर्ट ने सुनाया आजीवन कारावास का फैसला।
संवाद सहयोगी, दरभंगा । अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आदिदेव की अदालत ने प्रेम-प्रसंग में पति की निर्मम हत्या के जुर्म में सिमरी थानाक्षेत्र के कमरौली निवासी संगीता देवी और उसके प्रेमी कुंदन कुमार उर्फ बजरंगी को आजीवन सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड नहीं चुकाने पर दोनों जुर्मियों को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि सिमरी थाना कांड संख्या 147/23 से जुड़े सत्रवाद संख्या 675/23 की सुनवाई पूरी कर अदालत ने 24 जुलाई को कमरौली निवासी रामाशीष साह के पुत्र राम कुमार साह (40) की निर्मम हत्या के जुर्म में पत्नी संगीता देवी और उसके प्रेमी कुंदन दास उर्फ बजरंगी दास को भादवि की धारा 302/34 के तहत दोषी करार दिया था।
अभियोजन पक्ष का संचालन कर रहे एपीपी दिलीप कुमार साह ने बताया कि गुरुवार को अदालत में दोनों जुर्मियों के सजा अवधि निर्धारण के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने एवं अभिलेख पर मौजूद साक्ष्यों का गहन परिशीलन के बाद सजा सुनाई है।
फोड़ डाली थी रामकुमार की आंखें भी
यह घटना 21 जुलाई, 2023 की रात सिमरी थाना क्षेत्र के कमरौली गांव स्थित कुमरपट्टी चौर में एक मुर्गी फार्म पर हुई थी। मामले की प्राथमिकी मृतक के पिता रामाशीष साह ने दर्ज कराई थी।
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एपीपी साह ने बताया कि घटना के दिन राम कुमार साह के बच्चे का जन्मदिन था। अपने बच्चे का जन्मदिन मनाने के लिए वह अपनी पत्नी के पास मुर्गी फार्म पहुंचा था। आरोप है कि उसकी पत्नी संगीता देवी पांच बच्चों की मां है जिसका कुंदन दास से प्रेम प्रसंग था और वह अक्सर उसके मुर्गी फार्म पर रहती थी।
घटना की रात करीब 11 बजे मृतक के पिता को सूचना मिली कि उसके पुत्र को मुर्गी फार्म पर पिटाई कर रहा है। उसके पिता रामाशीष साह और स्वजन वहां पहुंचे तो देखा कि राम कुमार को दोनों आरोपित लाठी-डंडे से पीट रहे थे।
आरोप है कि बर्बरतापूर्वक रामकुमार की आंखें भी जुर्मियों ने फोड़ डाली थी। गंभीर चोट के कारण घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। अदालत में अभियोजन पक्ष ने कुल 10 गवाहों की गवाही कराई और अंतत: जुर्म साबित करने में सफल रहा। दोनों दोषी घटना के समय से ही जेल में बंद हैं।