बांस की चचरी पर जिंदगी का सफर... दरभंगा के रैहपुरा में हर कदम पर मौत का खतरा
दरभंगा के रैहपुरा गांव में कमला नदी पर स्थायी पुल न होने से 5000 से अधिक ग्रामीण जर्जर बांस की चचरी पर जान जोखिम में डालकर आवागमन करते हैं। इस खतरनाक ...और पढ़ें

रैहपुरा का जर्जर चचरी पुल। सौ. ग्रामीण।
HighLights
रैहपुरा में कमला नदी पर स्थायी पुल का अभाव।
ग्रामीण हर साल चंदा कर बांस का पुल बनाते हैं।
जर्जर पुल से कई हादसे, विधायक ने निर्माण की पहल की।
संवाद सहयोगी, कुशेश्वरस्थान (दरभंगा)। यह पुल नहीं, मजबूरी का रास्ता है... जिस पर हर कदम संभलकर रखना पड़ता है। कभी बच्चे स्कूल जाने के लिए इसे पार करते हैं तो कभी मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोग इसी जर्जर चचरी का सहारा लेते हैं।
कमला नदी पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण रैहपुरा गांव के पांच हजार से अधिक लोग वर्षों से बांस की चचरी पर जिंदगी का सफर तय करने को मजबूर हैं।
हर साल चंदा जुटाकर बनाते हैं पुल
ग्रामीणों के अनुसार, हर वर्ष गांव के लोग आपस में चंदा जुटाकर बांस का चचरी पुल बनाते हैं। इसी अस्थायी पुल से होकर ग्रामीण बाजार पहुंचते हैं और बच्चे स्कूल जाते हैं। करीब एक वर्ष पूर्व बनाया गया पुल अब जर्जर हो चुका है।
जलस्तर बढ़ते ही बढ़ जाता है खतरा
बरसात में कमला नदी का जलस्तर बढ़ते ही चचरी पुल और भी खतरनाक हो जाता है। पानी बढ़ने के साथ पुल डगमगाने लगता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इसे पार करने में काफी परेशानी होती है। रात में इस पुल से गुजरना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।
हादसों में जा चुकी है जान
ग्रामीणों ने बताया कि चचरी पुल पर कई बार हादसे हो चुके हैं। महिसोट के बैद्यनाथ यादव और स्कूली छात्र सचिन कुमार की पुल से गिरने के कारण मौत हो चुकी है। कई अन्य लोग भी घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद आवागमन का कोई दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण ग्रामीणों को इसी जर्जर पुल का सहारा लेना पड़ता है।
खबरें और भी
चुनावी वादे के बाद भूल जाते हैं नेता
ग्रामीण कन्हैया कुमार साह, राम कुमार मुखिया, रामचंद्र सहनी, श्याम सुंदर सिंह और विश्वनाथ मांझी समेत अन्य लोगों ने बताया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि स्थायी पुल निर्माण का आश्वासन देते हैं। चुनाव खत्म होते ही गांव की समस्या को भुला दिया जाता है।
विधायक ने कहा- पुल निर्माण की पहल
ग्रामीण वर्षों से कमला नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय विधायक अतिरेक कुमार ने बताया कि रैहपुरा में पुल निर्माण के लिए पहल की गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होगा।