Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    डीएमसीएच में चोरों का राज, ऑक्सीजन पाइप से लेकर एसी तक हो रहे गायब, FIR भी नहीं

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 06:28 PM (IST)

    डीएमसीएच दरभंगा में चोरों का संगठित गिरोह ऑक्सीजन पाइप से लेकर कंप्यूटर तक लाखों की संपत्ति चोरी कर रहा है। सुरक्षा गार्डों द्वारा पकड़े जाने के बावजू ...और पढ़ें

    डीएमसीएच का छह मंजिला सर्जरी ब्लाक। फोटो-जागरण

    डीएमसीएच का छह मंजिला सर्जरी ब्लाक। फोटो-जागरण

    राजकुमार गणेशन, दरभंगा । डीएमसीएच (दरभंगा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल ) में चोरों का संगठित गिरोह आक्सीजन पाइप से लेकर कंप्यूटर तक चोरी कर रहा है। लोहे के नल, एसी और उसका कापर वायर, विद्युत वायर और परिसर में लगे कई अन्य उपकरणों पर चोर हाथ साफ कर रहे हैं।

    डीएमसीएच के केवल सर्जिकल ब्लाक में एक साल में स्टील के 900 नल व सैकड़ों बेसिन पोर्ट चोरी हुई है।जिनकी कीमत करीब सात लाख बताई जा रही। वहीं पुरानी इमरजेंसी बिल्डिंग से लेकर गायनिक पेंडिंग वार्ड (जहां मरीज भर्ती नहीं किए जाते) तक में लगाए गए आक्सीजन पाइप कई बार कटने से तीन लाख से अधिक का नुकसान हो चुका है।

    इसमें पुरानी इमरजेंसी सहित अन्य जगहों से चोरी हुए पाइपलाइन राशि जोड़ दें क्षति का आंकड़ा छह लाख से अधिक पहुंच जाता है। वहीं मेडिकल कालेज सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों से करीब 25 एसी व कापर कीमत साढ़े सात लाख से अधिक है।

    चोरी को अंजाम देते उच्चकों सुरक्षा गार्डों ने सैकड़ों बार पकड़ा है। हाल ही में न्यू सर्जरी ब्लाक से विद्युत वायरिंग की तार काटकर ले जाते तीन चोरों को गार्डों ने पकड़ा। भवन मेंटेनेंस एजेंसी कर्मी व सुरक्षा सुपरवाइजर ने छठे फ्लोर से लाखों की तार चोरी से अस्पताल प्रबंधन को अवगत कराया।

    खबरें और भी

    इसके बाद अधिकारियों की सलाह पर तीनों चोर को बेंता पुलिस को सौंपा। इसके बाद डीएमसीएच अधिकारियों ने आवेदन नहीं दिया। मजबूरन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं होने के चलते हिरासत में लिए चोरों को छोड़ दिया।

    डीएमसीएच सुरक्षा सुपरवाइजर महेश सिंह बताते हैं कि हर बार ऐसा ही होता है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट एजेंसी कर्मी होने के चलते गार्डों पर एफआईआर दर्ज कराने की जवाबदेही नहीं है। वहीं अस्पताल अधिकारी न्यायिक भाग-दौड़ से बचने के लिए आवेदन देकर एफआईआर दर्ज नहीं कराते हैं।

    इसका फायदा चोरों को मिलता है और सरकारी संपत्ति की चोरी जारी है। इससे मरीजों की कठिनाई बढ़ी हुई है। सर्जरी भवन में चोरी हुए नलके के जगह पर नया नलका नहीं लगा है। इससे मरीज व स्वजन पेयजल के लिए मशक्कत करते हैं। शौचालय की जरूरत पर बाहर से पानी लेकर लोगों को जाना पड़ता है।

    रद्दी माल संग्रह केंद्र से लाखों का सामान गायब

    सर्जरी ब्लाक के आगे पुराने उपाधीक्षक निवास में डीएमसीएच के कंर्डम (रद्दी) सामानों को रखा जाता है। पिछले एक वर्ष के दौरान यहां 40-50 लाख से अधिक रद्दी जमा किया गया। इसमें वाटर कूलर, एसी, कुर्सी, टेबुल, आलमीरा आदि रखा है। बताया जाता है कि यहां गार्ड की भी तैनाती नहीं है।

    इसके चलते धीरे-धीरे लाखों का सामान चोरी हो चुका है। इसमें कई कर्मियों के लिप्त रहने की बातें लोग करते हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन लापरवाह बना है।

    चोरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय अधीक्षक स्तर ही लिया जा सकता है। डीएमसीएच के नीतिगत मामलों के विषय में अधीक्षक ही बता सकते हैं।
    डा. सुरेंद्र कुमार, उपाधीक्षक डीएमसीएच।