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बिहार में फसल बर्बाद हुई तो किसानों को मिलेगा सरकारी सहायता, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

Published: Sun, 23 Aug 2026 03:47 PM (IST)

बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत खरीफ फसल में नुकसान झेलने वाले किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी। 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन करें, कोई प्रीमियम या शुल्क नहीं।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत किसानों को मिलेगी मदद।

  2. खरीफ फसल में नुकसान होने पर आर्थिक सहायता का प्रावधान।

  3. 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन करें, कोई शुल्क नहीं।

जागरण संवाददाता, दरभंगा। खरीफ फसल में मौसम की मार या किसी अन्य कारण से नुकसान हुआ है तो किसानों के लिए राहत की खबर है। बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत किसानों को फसल क्षति पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए किसानों को कोई प्रीमियम या आवेदन शुल्क नहीं देना होगा। इच्छुक किसान 31 अक्टूबर तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

नुकसान पर मिलेगी सहायता

सहकारिता विभाग खरीफ मौसम के लिए बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत आवेदन लेगा। योजना में विपरीत मौसम या अन्य कारणों से फसल को होने वाली क्षति के आधार पर किसानों को सहायता राशि दी जाती है। आवेदन की पूरी प्रक्रिया आनलाइन होगी।

10 हजार रुपये तक मिलेगा लाभ

वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक क्षति होने पर किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता मिलेगी। वहीं, 20 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से भुगतान किया जाएगा। अधिकतम दो हेक्टेयर तक के लिए सहायता राशि दी जाएगी। राशि डीबीटी के माध्यम से आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।

धान-मक्का समेत कई फसलें शामिल

खरीफ मौसम में सभी 38 जिलों में अगहनी धान को पंचायत स्तरीय फसल के रूप में शामिल किया गया है। 25 जिलों में भदई मकई भी योजना में शामिल है। इसके अलावा सोयाबीन तीन, अगहनी आलू 14, अगहनी बैंगन 15, अगहनी टमाटर 12, अगहनी गोभी 14 और मखाना 10 जिलों में जिला स्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित है।

इन किसानों को मिलेगा मौका

कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर निबंधित रैयत, गैर-रैयत तथा आंशिक रूप से रैयत और गैर-रैयत श्रेणी के इच्छुक किसान आवेदन कर सकते हैं। फसलवार अधिसूचित जिलों की जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है।

घोषणा पत्र करना होगा अपलोड

आवेदन के समय किसानों को फसल और बोआई के रकबा की जानकारी देनी होगी। इसके साथ निर्धारित प्रारूप में भरा हुआ स्व-घोषणा पत्र भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। आवेदन के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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