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    मखाना किसानों की चमकी किस्मत, दरभंगा से कनाडा भेजी गई 7 मीट्रिक टन फ्लेवर्ड मखाना की पहली खेप

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 05:54 AM (GMT+05:30)

    Flavored Makhana Sea Consignment APEDA: दरभंगा से कनाडा के लिए 7 मीट्रिक टन फ्लेवर्ड मखाने की पहली समुद्री खेप रवाना की गई है, जिससे बिहार के कृषि उत् ...और पढ़ें

    कुल सात मीट्रिक टन मखाने की पहली खेप दो विशेष कंटेनरों के जरिए गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह होते हुए कनाडा भेजी गई है।

    कुल सात मीट्रिक टन मखाने की पहली खेप दो विशेष कंटेनरों के जरिए गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह होते हुए कनाडा भेजी गई है।

    जागरण संवाददाता, दरभंगा। Darbhanga Makhana Export To Canada: बिहार के मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान मिल चुकी है।

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सहयोग से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने दरभंगा से कनाडा के लिए फ्लेवर्ड मखाना की पहली समुद्री खेप रवाना की है।

    कुल सात मीट्रिक टन मखाने की यह पहली खेप दो विशेष कंटेनरों के जरिए गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह होते हुए कनाडा भेजी गई है।

    गुणवत्ता मानकों का रखा ध्यान

    इस निर्यात किए जा रहे मखाने का प्रसंस्करण और पैकेजिंग 'न्यूट्रिविन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत किया गया है।

    एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने पटना क्षेत्रीय कार्यालय के इस सराहनीय प्रयास की खुलकर सराहना की है। अधिकारियों का मानना है कि सीधे एक्सपोर्ट शुरू होने से अब बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

    1300 रुपये तक मिलेगा भाव

    इस सीधे वैश्विक निर्यात से मिथिलांचल के मखाना उत्पादक किसानों को 1,050 रुपये से लेकर 1,300 रुपये प्रति किलोग्राम तक का बेहतरीन मूल्य मिलेगा।

    इतने ऊंचे दाम मिलने से स्थानीय किसानों और व्यवसायियों की आय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे बिहार के कृषि आधारित उद्योगों को भी एक नई दिशा और बड़ा संबल मिलने की उम्मीद है।

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक मोड़

    राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र दरभंगा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि यह निर्यात मिथिलांचल के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

    अब बिहार का प्रसिद्ध मखाना अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने खास स्वाद और गुणवत्ता की वजह से विशिष्ट पहचान बना रहा है। इस उपलब्धि से आने वाले समय में अन्य देशों के लिए भी निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे।

    दरभंगा औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित भव्य फ्लैग-ऑफ समारोह में जिला कृषि विपणन पदाधिकारी लोकनाथ ठाकुर सहित कई वैज्ञानिक और अधिकारी उपस्थित रहे।

    एपीडा की महाप्रबंधक विनिता सुधांशु और वरिष्ठ सलाहकार डॉ. तरुण बजाज ने भी इस प्रयास की सराहना की। निर्यातक उद्यमी मनीष कुमार ने परियोजना को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारियों और वैज्ञानिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।