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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Income Tax: दरभंगा के पशु आहार व्यवसायी समूह के 11 ठिकानों पर छापेमारी, मचा हड़कंप; निशाने पर और भी बिजनेसमैन

    By Jagran NewsEdited By: Mukul Kumar
    Updated: Mon, 25 Sep 2023 09:55 AM (IST)

    आयकर विभाग ने पशु आहार व्यवसायी समूह के 11 ठिकानों पर छापेमारी की है। दरभंगा व पटना के अलावा गुवाहाटी पुणे कोलकाता में अलग-अलग टीमें दस्तावेज खंगाल रह ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।
    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।

    HighLights

    1. कई ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी
    2. छापेमारी दल में सौ से अधिक पदाधिकारी शामिल
    3. पांच व्यवसाइयों के पशु आहार के दस्तावेजों को खंगालने में जुटी टीम

    जागरण संवाददाता, दरभंगा /समस्तीपुर : आयकर विभाग पटना की इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने दरभंगा के अशोक कैटल फीड (पशु आहार) समूह के देश के 11 ठिकानों पर सोमवार की सुबह एक साथ छापेमारी की। इसके अलावा समस्तीपुर में पोल्ट्री व्यवसायी प्रकाश अनुपम उर्फ दिलीप साह के यहां भी छापेमारी की गई।

    कंप्यूटर व मोबाइल सहित कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। टीम बैंक अकाउंट व लाकरों को भी खंगालने में जुटी है। दरभंगा में अब तक की यह सबसे बड़ी छापेमारी है। पहली बार छापेमारी में साइबर एक्सपर्ट व फोरेंसिक टीम को भी शामिल किया गया है। तीन दिनों तक छापेमारी चल सकती है।

    अशोक कैटल फीड समूह के मालिक तीन भाइयों अशोक महनसरिया, आनंद महनसरिया और राज कुमार महनसरिया के दरभंगा शहर के गुल्लोवाड़ा बसंतगंज स्थित आवास और दोनार औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्ट्री में आयकर अधिकारी कई वाहनों से पहुंचे।

    इसके अतिरिक्त अलग-अलग टीमों ने समूह के पटना के अलावा गुवाहाटी, पुणे और कोलकाता के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। सबसे अधिक लेन-देन के साक्ष्य पुणे से मिले हैं। आयकर सूत्रों की मानें तो देर शाम तक सभी ठिकानों से करोड़ों के अनधिकृत लेन-देन के दस्तावेज मिले हैं।

    व्यवसायी के सभी ठिकानों से कंप्यूटर, लैपटाप, मोबाइल सहित कई डुप्लीकेट रजिस्टर जब्त किए गए हैं। साइबर एक्सपर्ट व फोरेंसिक टीम इसे खंगालने में जुटी है।

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    50 से अधिक लोगों के नाम करोड़ों का मौखिक लेने-देन

    देर शाम तक चारा व्यवसाय में बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन के साक्ष्य मिले। यह व्यवसाय जीएसटी के अधीन नहीं है, हालांकि रिटर्न में लेन-देन का विवरण दाखिल करना आवश्यक है, जो नहीं पाया गया। नकद भुगतान और रसीद के साक्ष्य मिले हैं।

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    विगत पांच वित्तीय वर्षों के खाता-बही के डुप्लीकेट सेट भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है। वहीं, टीम बैंक अकाउंट व लाकरों को भी खंगालने में जुटी है। कुछ रिश्तेदारों की खोज तेज कर दी गई है। जिनके माध्यम से करोड़ों रुपये भूमि में इंवेस्ट किया गया है।

    इसमें एक खगड़िया जिले के निवासी हैं। छापेमारी में अब तक 50 से अधिक लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनके माध्यम से करोड़ों का मौखिक लेने-देन किया गया है। ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है। टीम उनसे पूछताछ करेगी।

    फिलहाल, छापेमारी दल में शामिल अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। व्यवसायी व परिवार के सदस्यों को कमरे और फैक्ट्री से बाहर निकलने तक का मौका नहीं दिया गया। व्यवसायी पशु आहार के निर्माण और बिक्री के अलावा आटा मिल चलाते हैं।

    छापेमारी दल में सौ से अधिक पदाधिकारी व कर्मी शामिल हैं। समूह पर आय छुपाने का आरोप है। बिक्री का सही हिसाब नहीं देकर बेहिसाब कमाई की है।

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    समस्तीपुर के व्यवसायी व उनके सीए के घर भी छापेमारी

    समस्तीपुर में पोल्ट्री व्यवसायी प्रकाश अनुपम उर्फ दिलीप साह के ताजपुर रोड के धर्मपुर मोहल्ला और ताजपुर थाना क्षेत्र के कोठिया गांव के अलावा पटना स्थित उनके सीए के घर पर भी टीम ने छापेमारी की। बताया जाता है कि सीए के आवास से कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

    पोल्ट्री और पशु आहार के निर्माण व बिक्री के कारोबार से संबंधित दस्तावेज यहां भी जब्त किए गए हैं। प्रकाश के यहां भी कंप्यूटर, लैपटाप व मोबाइल जब्त किया गया है। बताया जाता है कि छापेमारी के लिए विभाग छह माह से रेकी कर रहा था। व्यवसायी दिव्य दृष्टि पोल्ट्री फीड नाम से व्यवसाय करते हैं।