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    मिथिला विश्वविद्यालय में पीएचडी पंजीयन की तिथि घोषित, पांच से 30 तक जमा होंगे आवेदन

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 07:01 PM (IST)

    ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने पैट-2023 के तहत पीएचडी पंजीयन की तिथि 5 से 30 अगस्त तक घोषित की है। कोर्स वर्क पूरा कर चुके और सिनाप्सिस अनुमोदित ...और पढ़ें

    यह तस्वीर AI जनरेटेड है।

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    HighLights

    1. पीएचडी पंजीयन की तिथि 5 से 30 अगस्त तक निर्धारित।

    2. कोर्स वर्क उत्तीर्ण व सिनाप्सिस अनुमोदित शोधार्थी पात्र।

    3. आवेदन विभागाध्यक्ष के माध्यम से ही जमा करना अनिवार्य।

    जागरण संवाददाता, दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय प्रशासन ने पैट-2023 (पैट-2023) के अंतर्गत शोध (पीएचडी) कर रहे शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है।

    विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने बताया है कि कोर्स वर्क पूरा कर चुके शोधार्थियों के लिए पीएचडी पंजीयन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

    पंजीयन के लिए आवेदन की तिथि पांच से 30 अगस्त तक निर्धारित की गई है। पंजीयन की सुविधा केवल उन्हीं शोधार्थियों को मिलेगी जिनका पैट कोर्स वर्क सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हो चुका है और जिनके शोध का प्रारूप (सिनाप्सिस) स्नातकोत्तर शोध परिषद अथवा गवेषण परिषद द्वारा विधिवत अनुमोदित कर दिया गया है।

    जिन छात्रों का सिनाप्सिस अबतक स्वीकृत नहीं हुआ है, वे इस पंजीयन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे। पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया है शोधार्थियों को अपने आवेदन पत्र सीधे विश्वविद्यालय में जमा नहीं करने हैं।

    सभी आवेदकों को अपने संबंधित स्नातकोत्तर विभाग के विभागाध्यक्ष से आवेदन को अग्रसारित करवाना अनिवार्य होगा। बिना विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर और अनुशंसा के कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों से अनुरोध किया है कि वे प्राप्त आवेदनों की सूक्ष्मता से जांच करें। सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न होने की पुष्टि के बाद ही आवेदनों को अग्रसारित कर शीघ्र अति शीघ्र विश्वविद्यालय की शोध शाखा में भेजना सुनिश्चित करेंगे।

    समय पर आवेदन पहुंचने से पंजीयन की अग्रतर कार्रवाई बिना किसी रुकावट के पूरी की जा सकेगी।बता दें कि विश्वविद्यालय के इस निर्णय से लंबे समय से पीएचडी पंजीयन का इंतजार कर रहे सैकड़ों शोधार्थियों को बड़ी राहत मिली है।

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    आवेदन के साथ जमा करने होंगे ये छह प्रमुख दस्तावेज

    पंजीयन आवेदन पत्र के साथ अभ्यर्थियों को स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक है। इसमें पंजीयन के लिए शोध-शाखा से निर्गत पत्र, पैट या नेट उत्तीर्णता परीक्षा परिणाम की प्रति, कोर्सवर्क नामांकन रसीद की छायाप्रति, कोर्सवर्क उत्तीर्णता प्रमाण पत्र की छायाप्रति, विश्वविद्यालय पंजीयन की प्रति, स्नातकोत्तर स्तर की अंक तालिका की छायाप्रति भी संलग्न करना होगा।