Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    दरभंगा की रैयाम चीनी मिल फिर से होगी चालू, किसानों में खुशी की लहर

    Updated: Sun, 31 May 2026 04:07 PM (IST)

    दरभंगा की रैयाम चीनी मिल को फिर से शुरू करने के प्रयास तेज हो गए हैं, जिससे किसानों में खुशी और उत्साह का माहौल है। गन्ना विभाग किसानों को गन्ना खेती ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. रैयाम चीनी मिल के पुनः संचालन के प्रयास तेज।

    2. गन्ना विभाग किसानों को खेती के लिए कर रहा प्रेरित।

    3. दरभंगा, मधुबनी के 1038 गांव गन्ना आपूर्ति हेतु आरक्षित।

    विजय कुमार राय, केवटी ( दरभंगा )। वर्षों से बंद पड़ी रैयाम चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की दिशा में अब तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। मिल के पुनः संचालन को लेकर गन्ना विभाग सक्रिय हो गया है और किसानों को गन्ना खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

    वहीं मिल चालू होने की संभावना से इलाके के किसानों में खुशी और उत्साह का माहौल है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संध नई दिल्ली की टीम ने रैयाम चीनी मिल क्षेत्र का भ्रमण किया था।

    हाल के दिनों शनिवार को गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार के ईख आयुक्त अनिल कुमार झा ने मिल परिसर और आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया।

    वहीं किसानों के साथ किसान संवाद कार्यक्रम आयोजित कर गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए के उन्होंने प्रेरित किया। वहीं गन्ना विभाग की चार सदस्यीय टीम भी पिछले शुक्रवार को विभाग के सहायक निदेशक अभिनव प्रियदर्शी के नेतृत्व में प्रखंड की विभिन्न पंचायतों का दौरा कर किसानों के साथ बैठक की।

    टीम ने क्षेत्र में गन्ने की खेती की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और किसानों को अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया। टीम ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया।

    विभाग की ओर से रजौड़ा, फुलकाही, मलंगिया, पाली और गंधवार आदि गांवों के किसानों को लगभग पांच एकड़ में गन्ना बीज उत्पादन के लिए मुफ्त बीज उपलब्ध कराया गया है।

    बताया जाता है कि क्षेत्र में वर्तमान में करीब सौ एकड़ भूमि पर गन्ने की खेती हो रही है। अक्टूबर 2026 तक करीब ढ़ाई सौ एकड़ भूमि पर और गन्ना की खेती का रकबा बढ़ाने की तैयारी विभाग कर रही है। बताया जाता है कि रैयाम चीनी मिल का संचालन सहकारिता विभाग के माध्यम से किया जाएगा।

    इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने इन चीनी मिल को पर्याप्त मात्रा में गन्ना आपूर्ति करने के लिए दरभंगा और मधुबनी जिले के 1038 गांवों को आरक्षित कर दिया गया है, जिसमें दरभंगा जिले के केवटी, बहादुरपुर, हायाधाट, हनुमाननगर, जाले और सिंहवाड़ा प्रखंड के 580 और मधुबनी जिले के बासोपट्टी, बेनीपट्टी, बिस्फी, हरलाखी, जयनगर, कलुआही, खजौली, रहिका और मधवापुर प्रखंड के 438 गांव शामिल हैं।

    खबरें और भी

    गौरतलब है कि वर्ष 1914 में स्थापित रैयाम चीनी मिल वर्ष 1994 में बंद हो गई थी। यह मिल 60 एकड़ क्षेत्र में बनी है। वहीं मिल के पास मोकद्दमपुर तक 14 किमी लंबी अपनी ट्राली लाइन भी थी। इसके बंद होने से 135 स्थायी कर्मी व 554 मौसमी तथा 125 दैनिक कर्मी बेरोजगार हो गए थे।

    ' राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना कारखाना संध, नई दिल्ली की टीम फरवरी माह में रैयाम चीनी मिल क्षेत्र का भ्रमण किया था। टीम ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।

    आगे की प्रक्रिया जारी है। गन्ना क्षेत्र विस्तार योजना चलाई जा रही है, जिसमें गन्ना किसानों को मुफ्त बीज प्रदान किया जाता है। वर्ष 2025 - 26 में करीब सौ एकड़ क्षेत्र में गन्ना की खेती में वृद्धि हुई है।

    आगामी ढ़ाई सौ एकड़ भूमि पर गन्ना की खेती का रकवा बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित है,जिसकी तैयारी विभाग द्वारा किया जा रहा है'। पुष्कर राज, जिला ईख पदाधिकारी, दरभंगा