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    Darbhanga News : राज्यसभा में गूंजा जर्जर सरकारी बसों का मुद्दा, यात्रियों की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

    By Rahul Kumar Gupta Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Wed, 18 Mar 2026 04:01 PM (IST)

    Bihar news : राज्यसभा में डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने जर्जर सरकारी बसों का मुद्दा उठाया। उन्होंने खराब रखरखाव, ब्रेक फेल और आग लगने जैसी घटनाओं का जिक्र कर ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर गलाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर गलाई गई है।

    जागरण संवाददाता, दरभंगा । राज्यसभा में जर्जर सरकारी बसों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई गई, जब धर्मशीला गुप्ता ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने खराब रख-रखाव, ब्रेक फेल, आग लगने जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा लगातार खतरे में है।

    करोड़ों लोग रोज इन बसों पर निर्भर हैं, ऐसे में नियमित फिटनेस जांच और सख्त निगरानी की मांग ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।

    भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य डा. धर्मशीला गुप्ता ने सदन में सार्वजनिक परिवहन से जुड़े सरकारी वाहनों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य परिवहन बसों और नगर परिवहन सेवाओं के रख-रखाव में लापरवाही से यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है।

    देश के करोड़ों लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों, छोटे कस्बों, महिलाओं, छात्रों और बुजुर्गों के लिए ये वाहन ही मुख्य साधन हैं।

    इसके बावजूद कई जगहों से नियमित फिटनेस जांच और समय पर मरम्मत नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं।डा. गुप्ता ने हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बस के फर्श में बने छेद से गिरकर एक बच्ची की पहिये के नीचे आने से मौत हो गई।

    उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही का नतीजा बताया।उन्होंने कहा कि ब्रेक फेल, खराब टायर, वायरिंग में गड़बड़ी और बसों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो व्यवस्था की खामियों को उजागर करती हैं।

    उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ऐसे में जरूरी है कि सरकारी वाहनों की नियमित फिटनेस जांच कराई जाए और रख-रखाव के मानकों का सख्ती से पालन हो।

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    उन्होंने सरकार से मांग की कि सार्वजनिक परिवहन के सभी सरकारी वाहनों की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित की जाए और आधुनिक तकनीक के जरिए उनकी निगरानी की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।