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    फूलगोभी@50, पड़ोस की मंडियों में भी नहीं मिल रही राहत; सब्जियां महंगी रहने की वजह आई सामने

    By Shailendra Kumar Jha Edited By: Ajit kumar
    Updated: Tue, 13 Jan 2026 02:11 PM (IST)

    Vegetable price rise in Darbhanga: बेनीपुर अनुमंडल में सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम लोग परेशान हैं। ठंड और कोहरे के कारण खेतों से आपूर ...और पढ़ें

    Winter impact on vegetable supply: पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के कारण भाव में लगातार वृद्धि हो रही। फाइल फोटो

    Winter impact on vegetable supply: पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के कारण भाव में लगातार वृद्धि हो रही। फाइल फोटो

    संवाद सहयोगी, जागरण-बेनीपुर (दरभंगा) । Bihar vegetable price today:सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का रसोई बजट बिगाड़ दिया है। जनवरी के दूसरे सप्ताह में भी बेनीपुर अनुमंडल क्षेत्र के बाजारों में सब्जियों के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ठंड और घने कोहरे के कारण खेतों से आपूर्ति प्रभावित होने के साथ-साथ परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई का असर साफ दिख रहा है।

    स्थानीय बाजारों में आलू, प्याज और टमाटर जैसी रोजमर्रा की सब्जियां सामान्य से महंगी बिक रही हैं, जबकि हरी सब्जियों के दाम और अधिक हैं। व्यापारियों के अनुसार खेतों से पर्याप्त आवक नहीं होने के कारण भाव लगातार ऊपर बने हुए हैं।

    बाजार में आलू 30–35 रुपये, प्याज 35–45 रुपये, टमाटर 35–45 रुपये, फूलगोभी 35–50 रुपये, बैंगन 30–40 रुपये, भिंडी 45–60 रुपये, शिमला मिर्च 60–80 रुपये और हरी मिर्च 70–90 रुपये प्रति किलो बिक रही है। पत्तेदार साग की एक गड्डी भी 30 से 50 रुपये में मिल रही है।

    महंगाई से सबसे ज्यादा परेशानी मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों को हो रही है। नवादा की शंकुतला देवी, डखराम की पारो देवी, महिनाम की विभा देवी और हाबीभौआर की सुनीता देवी का कहना है कि रोज सब्जी खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। थोड़ी-सी खरीदारी में ही 100 से 150 रुपये खर्च हो जा रहे हैं। कई परिवार मजबूरी में हरी सब्जियों के बजाय आलू-प्याज से ही काम चला रहे हैं।

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    सब्जी विक्रेताओं मो. सुलेमान, दरभंगिया देवी, सुमन महतो और किसानों सुधीर झा व लालकिशोर झा के अनुसार ठंड और कोहरे से फसलों को नुकसान हुआ है। खेतों से मंडियों तक कम माल पहुंच रहा है और परिवहन खर्च भी बढ़ गया है। थोक मंडियों में भाव ऊंचे होने के कारण खुदरा बाजार में दाम घटाना फिलहाल संभव नहीं है।

    कृषि जानकारों का कहना है कि यदि मौसम सामान्य रहा और नई फसल की आवक बढ़ी, तो जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में सब्जियों के दाम में कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल आम उपभोक्ताओं को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है।