दरभंगा जिला परिषद अध्यक्ष पद पर रेणु देवी की निर्विरोध वापसी, विपक्ष को नहीं मिला प्रत्याशी
Zila Parishad Election: रेणु देवी एक बार फिर दरभंगा जिला परिषद की अध्यक्ष चुनी गई हैं, उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया क्योंकि किसी अन्य सदस ...और पढ़ें

निर्वाचन की औपचारिक घोषणा के साथ ही समर्थकों में खुशी। फोटो: जागरण
HighLights
रेणु देवी दरभंगा जिला परिषद अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुईं।
किसी अन्य सदस्य ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन नहीं किया।
पूर्व अध्यक्ष सीता देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद वापसी।
जागरण संवाददाता, दरभंगा। Darbhanga Zila Parishad: जिला परिषद अध्यक्ष पद पर एक बार फिर रेणु देवी की वापसी हो गई है। अध्यक्ष पद के लिए उनके खिलाफ किसी अन्य सदस्य ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिसके चलते उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
निर्वाचन की औपचारिक घोषणा के साथ ही समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया।
विरोधी उम्मीदवार नहीं मिलने से निर्विरोध निर्वाचन
समाहरणालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुए चुनाव में 47 सदस्यीय जिला परिषद के 29 सदस्य सदन में उपस्थित रहे। अध्यक्ष पद के लिए केवल रेणु देवी ने नामांकन पत्र दाखिल किया।
किसी अन्य दावेदार के मैदान में नहीं उतरने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और निर्वाची पदाधिकारी ने उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया।
पूर्व अध्यक्ष सीता देवी रहीं अनुपस्थित
चुनाव के दौरान पूर्व अध्यक्ष सीता देवी अपने समर्थकों के साथ सदन में मौजूद नहीं रहीं। पिछले कुछ समय से रेणु देवी और सीता देवी के बीच राजनीतिक खींचतान चल रही थी।
दोनों पक्षों की ओर से लहेरियासराय थाना और एससी-एसटी थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी।
अविश्वास प्रस्ताव के बाद बदली थी तस्वीर
30 अप्रैल को अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई विशेष बैठक में 47 में से 26 सदस्यों ने हिस्सा लिया था। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने तत्कालीन अध्यक्ष सीता देवी के खिलाफ मतदान किया था, जिसके बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
इसी घटनाक्रम के बाद नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई।
डेढ़ साल में फिर बदला नेतृत्व
गौरतलब है कि 12 जनवरी 2024 को तत्कालीन अध्यक्ष रेणु देवी को पद से हटाए जाने के बाद सीता देवी अध्यक्ष बनी थीं। अब अविश्वास प्रस्ताव के बाद हुए सत्ता परिवर्तन में रेणु देवी दोबारा जिला परिषद की अध्यक्ष बन गई हैं। उनके निर्विरोध निर्वाचन को समर्थकों ने संगठन की एकजुटता और विश्वास का प्रतीक बताया है।