Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PM Kisan Samman Nidhi में फर्जीवाड़ा करने वालों से वसूली करेगा विभाग, कृषि समन्वयकों पर आने वाली है बड़ी मुसीबत

    By Jagran NewsEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Fri, 27 Oct 2023 02:06 AM (GMT+05:30)

    PM किसान सम्मान निधि योजना लागू होने के चार साल बाद अपात्र किसानों से योजना के तहत जारी की गई राशि वापस वसूल की जाएगी। इस योजना के लाभ से अपात्र किसान ...और पढ़ें

    योजना लागू होने के चार साल बाद अपात्र किसानों से किसान सम्मान निधि वापस वसूलने की कवायद तेज। (सांकेतिक फोटो)
    योजना लागू होने के चार साल बाद अपात्र किसानों से किसान सम्मान निधि वापस वसूलने की कवायद तेज। (सांकेतिक फोटो)

    HighLights

    1. अपात्र किसानों से किसान सम्मान निधि वापस वसूलने की कवायद तेज।
    2. स्वीकृति देने वाले कृषि समन्यवकों पर गिर सकती है बड़ी गाज।

    जागरण संवाददाता, मोतिहारी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू होने के चार साल बाद अपात्र किसानों से योजना के तहत जारी की गई राशि वापस वसूल की जाएगी। योजना के तहत एक किसान को प्रति वर्ष छह हजार रुपये तीन किश्तों में दिए जाते हैं।

    मोतिहारी में होगी इतने करोड़ की वसूली

    इस योजना के लाभ से अपात्र किसानों को वंचित करने के बाद 31 मार्च 2023 से वसूली की कवायद की जा रही है। कई ऐसे किसान हैं, जो अपात्र होने के बाद भी योजना का लाभ ले रहे थे।

    मोतिहारी की बात करें तो, जिले के विभिन्न प्रखंडों के 7842 अपात्र किसानों से 10 करोड़ 61 लाख 44 हजार रुपये वसूल किया जाना है।

    कृषि समन्वयकों को चिन्हित करने का आदेश

    विभाग ने जिला कृषि पदाधिकारी को वैसे कृषि समन्वयकों को चिन्हित करने का निर्देश दिया है, जिनकी स्वीकृति से अपात्र लाभार्थियों को राशि का भुगतान किया गया है।

    डीएओ प्रखंडवार चिन्हित कृषि समन्वयकों की सूची एवं उनके द्वारा अनुशंसित अपात्र लाभार्थियों से वसूली की जाने वाली राशि पीएम किसान कोषांग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

    30 नवंबर तक वसूल की जानी है राशि

    जिले के अपात्र किसानों से 30 नवंबर तक राशि वसूल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त तिथि तक राशि वसूल नहीं होने पर डीएओ चिन्हित कृषि समन्वयकों के विरूद्ध 05 दिसंबर से विभागीय कार्रवाई शुरू कर सकेंगे।

    विभाग कृषि समन्वयकों के वेतन से वसूली योग्य राशि 20 बराबर किस्तों में वसूल करेंगे। इसके पूर्व किसानों से राशि वसूली के लिए तैयार नोटिस चिन्हित कृषि समन्वयकों द्वारा किसानों को दिया जाएगा।

    इस पोर्टल पर दर्ज होगा वसूली का ब्यौरा

    डीएओ कृषि समन्वयक के द्वारा वसूल की गई राशि का विस्तृत विवरण डीबीटी पोर्टल पर पीएम किसान राशि वापसी सीट में दर्ज करेंगे।

    प्रत्येक बुधवार को होगी मॉनीटरिंग मुख्यालय स्तर पर कृषि निदेशक प्रत्येक बुधवार को अपात्र किसानों से वसूल की गई साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा करेंगे।

    इसके तहत जिला कृषि पदाधिकारी व सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी प्रगति प्रतिवेदन के साथ उपस्थित होंगे। वहीं वसूली कार्य में सहयोग नहीं करने वाले संबंधित कर्मियों व अधिकारियों से राशि की वसूल की जाएगी।

    कई कृषि समन्वयक हो चुके सेवानिवृत

    विभाग पीएम किसान सम्मान निधि नहीं लौटाने वाले किसानों की राशि कृषि समन्वयकों से वसूल की बात कह रही है। हालांकि इस अवधी में आधा दर्जन से अधिक कृषि समन्वयकों की मृत्यु हो चुकी है, तो लगभग तीन दर्जन के करीब सेवानिवृत हो चुके हैं। वहीं बड़ी संख्या में कृषि समन्वयकों को तबादला अन्य जिलों में हो चुका है।

    खबरें और भी

    नाम न छापने की शर्त पर कृषि समन्वयकों ने बताया कि इतनी जल्दी में कुछ नहीं हो सकता है। किसानों से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन राशि जमा कराने में किसान सहयोग नहीं कर रहे है। ऐसे में इसके लिए सीधे तौर पर कृषि समन्वयकों को जिम्मेवार ठहराना उचित नहीं है।

    जिले के 7842 अपात्र किसानों से पीएम किसान सम्मान निधि की राशि वसूल की जानी है। इसके लिए कृषि समन्वयकों को जिम्मेवारी दी गई है। साथ हीं राशि वसूल प्रक्रिया की मानिटरिंग अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कर रहे है। प्रत्येक बुधवार को विभाग को वसूली प्रक्रिया से भी अवगत कराया जा रहा है।

    प्रवीण कुमार राय जिला कृषि पदाधिकारी, पूर्वी चंपारण।