पूर्वी चंपारण में सरकारी बकाया वसूली के लिए सख्त कार्रवाई, 8 बड़े बकायदारों पर गिरफ्तारी वारंट
पूर्वी चंपारण प्रशासन ने सरकारी बकाया वसूली के लिए नीलाम पत्रवाद के तहत 8 बड़े बकायदारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। करोड़ों रुपये की वसूली ...और पढ़ें

योजना मद की राशि से जुड़े मामले में उनके खिलाफ नीलाम पत्रवाद दायर किया गया था। फाइल फोटो
HighLights
पूर्वी चंपारण में 8 बड़े बकायदारों पर वारंट जारी।
करोड़ों रुपये की सरकारी बकाया राशि की वसूली होगी।
कार्यपालक अभियंता समेत कई राइस मिलें शामिल हैं।
जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। East Champaran Recovery Action: सरकारी बकाया राशि की वसूली के लिए पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने नीलाम पत्रवाद (सर्टिफिकेट केस) के तहत बड़ी कार्रवाई शुरू की है।
करोड़ों रुपये की वसूली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने आठ बड़े बकायदारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। संबंधित थानों को वारंट का तामिला कर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता कुंवर रविंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ 54.47 लाख रुपये की देनदारी को लेकर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। प्रशासन के अनुसार योजना मद की राशि से जुड़े मामले में उनके खिलाफ नीलाम पत्रवाद दायर किया गया था।
बताया गया कि कई नोटिस जारी होने के बावजूद राशि जमा नहीं कराई गई। इसके बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट निर्गत कर छतौनी थाना को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
जारी सूची के अनुसार सबसे अधिक 1.64 करोड़ रुपये की देनदारी रामगढ़वा के अहिरौलिया स्थित जय मां दुर्गा राइस मिल पर है। वहीं अरेराज के गोविंदगंज थाना क्षेत्र निवासी जयकिशुन तिवारी पर 1.51 करोड़ रुपये का बकाया दर्ज है।
इसके अलावा मनु ट्रेडर्स एंड राइस मिल पर 1.20 करोड़ रुपये तथा शीतलपुर स्थित शिव शक्ति राइस मिल पर 1.03 करोड़ रुपये की देनदारी है। इन सभी के विरुद्ध भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
रामगढ़वा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर निवासी मोती शाह की विवेक राइस मिल पर 12.57 लाख रुपये, अन्नपूर्णा राइस मिल के प्रोपराइटर लाल प्रताप सिंह पर 4.17 लाख रुपये तथा आर्य नंदिनी राइस मिल पर 57.67 लाख रुपये की बकाया राशि है।
इन मामलों में भी संबंधित थानों के माध्यम से गिरफ्तारी वारंट जारी कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नीलाम पत्रवाद के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है। सरकारी राजस्व की वसूली में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने कहा है कि बकाया राशि जमा नहीं करने वाले अन्य बड़े देनदारों के विरुद्ध भी विधिसम्मत और सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।