बिहार में पटना और मोतिहारी समेत कई जिलों में फैला घूसखोरों का नेटवर्क, 3 की खंगाली जा रही कुंडली
बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले में रिश्वतखोरी के मास्टरमाइंड राजन जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है। मोतिहारी एसडीएम से 25 लाख रुपये मांगन ...और पढ़ें

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित राजन जायसवाल की तस्वीर।
HighLights
रिश्वतखोर तंत्र का मास्टरमाइंड राजन जायसवाल गिरफ्तार।
मोतिहारी एसडीएम से 25 लाख की मांग।
राजन के तीन साथी और कई नंबर चिह्नित।
संजय कुमार उपाध्याय, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में सक्रिय रिश्वतखोर तंत्र के मास्टर माइंड राजन जायसवाल का कई रसूखदारों से साथ है।
राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 45 अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर जारी आदेश के बाद पूर्वी चंपारण के मोतिहारी एसडीएम से 25 लाख रुपये मांगे जाने में अबतक भले ही एक किरदार राजन सामने आया हो, लेकिन इसके तंत्र में कई कड़ियां हैं।
राजधानी पटना से सिवान और यहां से कई जिलों तक फैले रिश्वतखोर तंत्र में कई साझेदार हैं। सिवान के नौतन निवासी राजन व्यावसायिक परिवार से है, लेकिन उसकी महत्वाकांक्षा बड़ी थी।
विवादित मामले में वह एक बार जेल जा चुका है। निकलने के बाद सरकारी तंत्र में अपनी बैठ बनाता चला गया और धन के लोभ में रिश्वतखोर तंत्र बड़ा होता चला गया। सूत्रों की मानें तो एक विधायक ने राजन को विधानसभा पास लगी अपनी स्कार्पियो दे दी थी।
प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन भी वह इस्तेमाल करता था। वह कई विधायक व प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में था। फिलहाल, वह जेल में है। पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर उससे पूछताछ हुई है, मोबाइल से मिले डाटा की समीक्षा की जा रही तो कहानी परत दर परत सामने आ रही।
राजन के तीन साथी चिह्नित, छह-सात नंबरों के साथ बढ़ी जांच की गति
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस घटना की जांच में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) व साइबर थाना की पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। एसडीएम से पोस्टिंग के बदले 25 लाख मांगनेवाले राजन से जब्त दो आईफोन के डाटा की जांच की जा रही।
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पांच दिनों की रिमांड पर राजन से हुई पूछताछ में राजन के तीन अन्य साथियों को चिह्नित किया गया है, जो इस तरह के काम में उसका साथ देते थे। ये तीन अलग-अलग जिलों से हैं। इनका भी नेटवर्क अलग-अलग जिलों में है।
वहीं छह से सात ऐसे सेलफोन नंबर चिह्नित किए गए हैं, जो रिश्वतखोरी के खेल के ईर्द-गिर्द रहे हैं। तीन साथी व प्रमुख नंबरों को चिह्नित करने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ी है। बताया गया है कि इन तीन के पकड़े जाने के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों का चेहरा सामने आ सकता है।
12 जुलाई को डिमांड, 19 को थाने में आवेदन, शिकायतकर्ता व आरोपित दोनों सिवान के
बता दें कि मोतिहारी सदर के अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार ने 19 जुलाई को साइबर थाने में आवेदन दिया। बताया - 12 जुलाई को उनकी पोस्टिंग की अधिसूचना जारी हुई। इसके बाद सिवान के राजन जायसवाल का वाट्सएप संदेश व काल आने लगा। उसने 25 लाख रुपये पोस्टिंग के एवज में मांगे।
कहा- पैसा नहीं देने पर पोस्टिंग आदेश स्थगित हो जाएगा। दबाव के लिए पूर्व में पदस्थापन स्थगन आदेश से संबंधित कागज भी उदाहरण के लिए भेजे। आवेदन के बाद साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
फिर राज्य एसटीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजन को पटना के मोकामा से गिरफ्तार कर लिया। तब से लगातार कार्रवाई चल रही है। बता दें शिकायतकर्ता एसडीओ अरुण कुमार सिवान जिले के दक्षिण टोला सिवान निवासी हैं।
वहीं आरोपित राजन जायसवाल भी इसी जिले के नौतन थानाक्षेत्र के किलपुर तिवारी टोला खाप बनकट का निवासी है। मैरवा में उसका व्यापार है। राजन ने एसडीओ से पैसा मांगने के क्रम में यह बात बताई थी कि वह भी सिवान का निवासी है।
- राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी की जानेवाली अधिसूचना पर अवैध वसूली करने में गिरफ्तार राजन जायसवाल के कई कनेक्शन आए सामने, चल रहा सत्यापन
- 06-07 से ज्यादा ऐसे सेलफोन नंबरों की हुई पहचान, जिनके माध्यम से चलाया जा रहा था रिश्वतखोर तंत्र, एसटीएफ व साइबर थाने की पुलिस खंगाल रही संंदिग्ध ठिकाने
- 12 जुलाई को सरकार द्वारा बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के स्थानांतरण को जारी अधिसूचना पर मोतिहारी एसडीओ से 25 लाख की रिश्वत मांगने के मामले में पुलिस कार्रवाई तेज
विषय संवेदनशील व गंभीर है। घटना को लेकर साइबर थाना, मोतिहारी में दर्ज मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में राजन जायसवाल के तीन अन्य साथी भी चिह्नित किए गए हैं। ये सभी राज्य के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं। सबकी खोज की जा रही है। पुलिस अपना काम कर रही है। नतीजे शीघ्र सामने आएंगे।’
स्वर्ण प्रभात, पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चंपारण।