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    बिहार में फर्जी मास्टर साहब: पूर्वी चंपारण में फर्जी डिग्री पर 11 साल की नौकरी, निगरानी ने कराई FIR

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 08:39 PM (IST)

    Bihar Fake Teacher: पूर्वी चंपारण में एक शिक्षक अजीत कुमार चौबे के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र पर 11 साल से नौकरी करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। निगर ...और पढ़ें

    पुलिस ने निगरानी विभाग के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की। प्रतीकात्मक फोटो

    पुलिस ने निगरानी विभाग के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. पूर्वी चंपारण में फर्जी डिग्री पर शिक्षक की नौकरी।

    2. अजीत कुमार चौबे पर 11 साल से नौकरी का आरोप।

    3. निगरानी विभाग ने फर्जीवाड़े का मामला दर्ज कराया।

    संवाद सहयोगी, हरसिद्धि (पूर्वी चंपारण)। Bihar Teacher News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर पिछले 11 वर्षों से नौकरी करने के आरोप में एक शिक्षक के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

    आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई

    यह मामला हरसिद्धि प्रखंड के गांधी उच्च विद्यालय से जुड़ा है। यहां कार्यरत माध्यमिक शिक्षक अजीत कुमार चौबे के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई की गई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही फर्जी प्रमाण-पत्र पर नौकरी करने वाले अन्य लोगों में हड़कंप मच गया है।

    निगरानी विभाग ने दर्ज कराया मामला

    यह कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के दारोगा रणविजय कुमार के आवेदन पर की गई है। आरोपी शिक्षक अजीत कुमार चौबे मूल रूप से पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थानाक्षेत्र के लालसरैया गांव के निवासी हैं, जो हिमांचल चौबे के पुत्र हैं।

    साल 2015 में हुई थी बहाली

    अजीत कुमार चौबे की बहाली वर्ष 2015 में जिला परिषद माध्यमिक शिक्षक के रूप में हुई थी। बहाली के समय उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जब निगरानी विभाग द्वारा गहन जांच की गई, तो बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ में आया।

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    जोधपुर विश्वविद्यालय की डिग्री फर्जी

    जांच में पाया गया कि शिक्षक द्वारा प्रस्तुत जोधपुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय से निर्गत सर्टिफिकेट पूरी तरह से फर्जी और अवैध था। प्रमाण-पत्र के अवैध होने की पुष्टि होते ही निगरानी विभाग ने तुरंत स्थानीय थाने में मामला दर्ज करा दिया।

    हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि निगरानी विभाग के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।