Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार में 25 लाख की पोस्टिंग डील का मास्टरमाइंड रिमांड पर, अब पटना से सिवान तक खंगाला जा रहा नेटवर्क

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 06:00 AM (IST)

    बिहार में प्रशासनिक अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में रिश्वतखोरी के मास्टरमाइंड राजन जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच पटना और सिवान तक फैल गई है। पु ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। ( फोटो- AI जनरेटेड)

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। ( फोटो- AI जनरेटेड)

    HighLights

    1. रिश्वतखोरी के मास्टरमाइंड राजन जायसवाल से सघन पूछताछ जारी।

    2. जांच का दायरा अब पटना और सिवान तक फैला।

    3. प्रशासनिक अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में रिश्वतखोरी का मामला।

    संजय कुमार उपाध्याय, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) । बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना के आधार पर अधिकारियों से लाखों की रिश्वत मांगने के मास्टर माइंड राजन जायसवाल की निशानदेही पर अब विशेष कार्य बल (राज्य एसटीएफ)) व मोतिहारी साइबर थाने की पुलिस राजधानी पटना व सिवान में जांच कर रही है।

    राज्य स्तर पर फैले रिश्वतखोर तंत्र के पर्दाफाश को लेकर पुलिस गंभीर है। 24 जुलाई से 28 जुलाई यानी पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर रहे राजन जायसवाल से एटीएफ व साइबर थाने की टीम ने इस पूरे खेल को जड़ से उखाड़ने के लिए सघन पूछताछ की।

    इस दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर राजधानी पटना में जांच चल रही है। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान जांच टीम जहां से स्थानांतरण के मूल आदेश तय किए जाते हैं और नीति निर्धारित की जाती है वहां से लेकर जमीनी स्तर पर फैले इस नेटवर्क की जानकारी प्राप्त की जा रही है।

    यहां बताना जरूरी है कि 12 जुलाई को सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में कुल 45 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया। उनमें 18वें नंबर पर अरुण कुमार रहे, जिनका स्थानांतरण जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से मोतिहारी सदर के अनुमंडल पदाधिकारी के पद पर किया गया।

    खबरें और भी

    सिर्फ जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के पद से एसडीओ के तौर पर अरुण की पोस्टिंग में रिश्वतखोरी की कहानी तब सामने आई जब उन्होंने स्थानांतरण आदेश के सात दिन बाद मोतिहारी साइबर थाने में पोस्टिंग के बदले 25 लाख रुपये मांगने का आरोप सिवान के जिले के नौतन थानाक्षेत्र के किलपुर तिवारी टोला खाप बनकट निवासी राजन जायसवाल पर आरोप लगाया।

    शेष किसी की भी पोस्टिंग पर कोई विवाद या सवाल नहीं है। आवेदन और उधर राजन की गिरफ्तारी की घटना के बाद से जैसे-जैसे तथ्य मिल रहे, पुलिस कार्रवाई कर रही। बताया गया है कि राजन के कई बड़े कनेक्शन राजधानी पटना में हैं।

    उन रिश्तों से संबंधित लोगों के अतिरिक्त पुलिस की टीम सिवान में भी जांच कर रही है। विभिन्न बिंदुओं पर तथ्य जुटाए जा रहे। पटना के कई संदिग्ध ठिकाने खंगाले जाने की सूचना है। जांच के तथ्य सामने न आए, इसका खास ध्यान रखा जा रहा।

    प्रशासनिक तंत्र के कई चुनिंदा लोगों की चिंता बढ़ी

    सूत्रों के अनुसार साइबर थाना व एसटीएफ की टीम द्वारा पांच दिनों की रिमांड में राजन से की गई पूछताछ में कई तथ्य सामने आने की बात कही जा रही। बताया जा रहा है कि राजन के संबंध बिहार के कई बड़े अधिकारियों से है।

    राजधानी स्थित सामान्य प्रशासन विभाग के लोगों से भी इसके संबंध सामने आए हैं। बताते हैं कि प्रशासनिक हल्के में मजबूत पकड़ की ही बदौलत ये बेधड़क लोगों से पैसों की उगाही कर रहा था।

    हालांकि, इसकी जांच चल रही है कि राजन की कमाई कहां और कैसे लोगों से पैसे वसूलता था। इस बीच उसके सेलफोन से भी कई रहस्य निकलकर सामने आए हैं। इन सबके बीच सेलफोन रिकार्ड व राजन से रिमांड के दौरान मिली जानकारी को जानने की चिंता सबसे ज्यादा उन अधिकारियों को है, जिनका कनेक्शन राजन से है या रहा है।

    19 जुलाई को सामने आई प्रशासनिक पोस्टिंग में पैसों के लेनदेन की बात

    बता दें कि मोतिहारी सदर के अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार ने 19 जुलाई को साइबर थाने में आवेदन दिया। आवेदन में कहा कि 12 जुलाई को उनकी पोस्टिंग अधिसूचना जारी हुई। इसके बाद सिवान के राजन जायसवाल का वाट्सएप संदेश व काल आने लगा। उसने 25 लाख रुपये पोस्टिंग के एवज में मांगे।

    कहा- पैसा नहीं देने पर पोस्टिंग आदेश स्थगित हो जाएगा। दबाव के लिए पूर्व में पदस्थापन स्थगन आदेश से संबंधित कागज भी उदाहरण के लिए भेजे। आवेदन के बाद साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

    राज्य एसटीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजन को पटना के मोकामा से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद वह जेल भेजा गया। जेल से पुलिस ने उसे शुक्रवार को पांच दिनों के रिमांड पर लेकर सघन पूछताछ की। इसके बाद लोगों में अटकलें तेज हैं।

    पुलिस रिमांड पर लेकर घटना के मास्टर माइंड राजन जायसवाल से साइबर थाना व राज्य एसटीएफ की टीम ने सघन पूछताछ की है। इस दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की जांच चल रही है। पुलिस की टीम पटना व सिवान में भी जांच कर रही है।’

    स्वर्ण प्रभात, पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चंपारण।