पूर्वी चंपारण में ट्रैक्टर लेकर मैदान में उतरे सांसद, वाटर पार्क निर्माण के खिलाफ खोला मोर्चा
पूर्वी चंपारण में राजद सांसद सुधाकर सिंह ने वाटर पार्क निर्माण के खिलाफ किसानों के साथ प्रदर्शन किया, ट्रैक्टर चलाकर पुश्तैनी जमीन वापस करने की मांग क ...और पढ़ें
HighLights
सांसद सुधाकर सिंह ने वाटर पार्क निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ट्रैक्टर चलाकर किसानों की पुश्तैनी जमीन वापसी की मांग।
जिला प्रशासन ने भूमि को सरकारी गैरमजरूआ बताया।
संवाद सहयोगी, पीपराकोठी (पूर्वी चंपारण)। प्रखंड के बरकुरवा व वाटगंज की सीमा पर स्थित धनौती नदी के किनारे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित वाटर पार्क के निर्माण स्थल पर शुक्रवार को पहुंचे बक्सर से राजद सांसद सुधाकर सिंह ने ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। यहां एक किसान सभा की।
फिर सांसद स्वयं ट्रैक्टर लेकर प्रशासन द्वारा अधिग्रहित भूमि पर पहुंचे और जमीन की जुताई कर किसानों की जमीन वापस करने की मांग की।
इस दौरान किसानों और ग्रामीणों ने निर्माण कार्य का विरोध करते हुए ठेकेदार व मजदूरों से कार्य बंद कर स्थल छोड़ने को कहा। इस बीच ट्रैक्टर, जेसीबी सहित निर्माण कार्य में लगे वाहनों और अन्य सामान को हटाया गया।
कुछ सामान को भीड़ द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की भी सूचना है। प्रदर्शनकारी भारत माता की जय, किसान जिंदाबाद व किसानों पर अत्याचार बंद करो और भूमाफिया से किसानों की भूमि मुक्त करो जैसे नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।
किसानों का आरोप है कि जिस भूमि पर वाटर पार्क का निर्माण प्रस्तावित है, वह उनकी पुश्तैनी जमीन है, जिस पर पिछले 60 से 70 वर्षों से उनका कब्जा रहा है।
उनका कहना है कि उनके पास भूमि से संबंधित वैध दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने जमाबंदी रद्द कर भूमि का अधिग्रहण कर लिया, जिसका वे लगातार विरोध कर रहे हैं। उन्होंने किसानों के साथ मिलकर जिलाधिकारी से भी भेंट की। सरकार से किसानों की जमीन वापस करने की मांग की।
इस दौरान डीएम ने सांसद को जमीन की प्रकृति से अवगत कराते हुए बताया कि जिस जमीन पर पार्क का निर्माण प्रस्तावित है वह गैरमजरूआ जमीन है। उसपर बनाई गई जमाबंदी गलत तरीके से तैयार की गई है। विधिवत सुनवाई के बाद उसे अपर समाहर्ता के कोर्ट से रद कर दिया गया है। जमीन सरकारी है इस तरह से जमीन को जोतना गलत है।
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प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने संभाली स्थिति
प्रदर्शन के दौरान सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जितेश पांडेय के नेतृत्व में पुलिस के जवान मौके पर मुस्तैद रहे। पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखा और किसी बड़े टकराव की नौबत नहीं आने दी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 14 करोड़ से होना है वाटर पार्क का निर्माण
बता दें कि करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से धनौती नदी के किनारे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वाटर पार्क निर्माण की योजना पर कार्य चल रहा है। इसके लिए चिन्हित भूमि को अभिकर्ता को सौंपने के दौरान लोगों ने विरोध जताया था।
इस बीच अंचलाधिकारी द्वारा पीपराकोठी मौजा की सरकारी जमीन खाता संख्या-156, खेसरा संख्या-507/1 में करीब तीन एकड़ वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने से संबंधित पत्र भी जारी किया गया है। आंदोलन के दौरान सुबोध राय, नसीमा खातून, शाश्वत गौतम और ग्रामीण मौजूद रहे।
जमीन सरकारी है। उसे इस तरह जोतना उचित नहीं है। सरकारी जमीन पर गलत तरीके से जमाबंदी कायम की गई थी, उसे रद किया गया है। जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी सांसद को उपलब्ध करा दी गई है।
सौरभ सुमन यादव, जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण।