11 किलो का कछुआ देखने जुटी भीड़, बिहार के सूर्य मंदिर में तालाब से आया बाहर
रक्सौल के सूर्य मंदिर तालाब में जीर्णोद्धार के दौरान 11 किलो का विशाल कछुआ मिला, जिससे क्षेत्र में कौतूहल और धार्मिक आस्था का माहौल है। ...और पढ़ें
HighLights
रक्सौल सूर्य मंदिर तालाब में मिला 11 किलो का कछुआ।
इसे धार्मिक आस्था और शुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा।
कछुआ जलीय पारिस्थितिकी और जल संरक्षण में सहायक होता है।
संवाद सूत्र, रक्सौल (पूच)। शहर के मुख्य पथ स्थित सूर्य मंदिर परिसर के पवित्र तालाब से लगभग 11 किलो वजनी विशाल कछुए के मिलने से क्षेत्र में चर्चा एवं कौतूहल का माहौल बना हुआ है।
मंदिर परिसर पहुंचे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने इसे धार्मिक आस्था, शुभ संकेत और प्राकृतिक संतुलन से जोड़कर देखा।बताया जाता है कि सूर्य मंदिर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के तहत तालाब की उड़ाही कराई जा रही थी।
इसी दौरान तालाब में अचानक विशालकाय कछुआ दिखाई देने पर लोगों की भीड़ जुट गई। कई लोगों ने इसे भगवान विष्णु के कूर्म अवतार से जोड़ते हुए शुभ संकेत बताया।
उर्जा का प्रतीक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कछुआ धैर्य, समृद्धि, स्थिरता एवं सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। मंदिर परिसर अथवा पवित्र जलाशयों में कछुए की उपस्थिति को सनातन परंपरा में विशेष महत्व प्राप्त है।

सूर्य मंदिर।
सूर्य मंदिर समिति के सचिव शंभु प्रसाद चौरसिया, कोषाध्यक्ष गणेश अग्रवाल, राजू गुप्ता एवं गुड्डू खेतान ने बताया कि सूर्य मंदिर और विशाल शिवालय जैसे आस्था के केंद्र में इतने बड़े कछुए का मिलना आश्चर्य एवं श्रद्धा, दोनों का विषय है। उन्होंने कहा कि इसे प्रकृति और धार्मिक चेतना के अद्भुत संगम के रूप में देखा जाना चाहिए।

11 किलो का कछुआ।
जानकारों के अनुसार कछुआ जल स्रोतों के संरक्षण एवं जैविक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह जल को स्वच्छ रखने तथा जलीय पारिस्थितिकी को संतुलित बनाए रखने में सहायक होता है।
तालाब में कछुए की मौजूदगी इस बात का संकेत भी मानी जा रही है कि जलाशय का प्राकृतिक वातावरण अभी जीवित एवं सुरक्षित है।
जलाशय को स्वच्छ रखने की अपील
संरक्षण को लेकर मंदिर समिति के सदस्यों ने लोगों से अपील की है कि तालाब में पूजा सामग्री, कूड़ा-कचरा अथवा अन्य अपशिष्ट पदार्थ नहीं फेंकें।

साथ ही तालाबों, नदियों एवं जलाशयों को प्रदूषणमुक्त रखने तथा जलीय जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक होने का आग्रह किया है।
मीडिया प्रभारी रजनीश प्रियदर्शी ने कहा कि सूर्य मंदिर तालाब में मिले इस विशाल कछुए ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि जहां प्रकृति सुरक्षित रहती है, वहीं आस्था एवं जीवन का संतुलन भी कायम रहता है।
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