बिहार में भारत-नेपाल सीमा होगी और सुरक्षित, बॉर्डर से गायब 233 सीमा स्तंभ फिर लगाए जाएंगे
भारत-नेपाल सीमा पर गायब और क्षतिग्रस्त सीमा स्तंभों को सुरक्षित करने का अभियान तेज हो गया है। पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर एसएसबी को 233 ...और पढ़ें

जिलाधिकारी ने सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद सभी संबंधित अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
HighLights
भारत-नेपाल सीमा पर गायब स्तंभों की तलाश तेज।
पूर्वी चंपारण में 233 गायब, 73 स्तंभ क्षतिग्रस्त।
जिलाधिकारी ने मरम्मत व नए स्तंभ लगाने के दिए निर्देश।
जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। भारत-नेपाल सीमा पर भारतीय क्षेत्र में लगाए गए सीमा स्तंभों को सुरक्षित व संरक्षित करने की कवायद तेज है।
जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने भारत-नेपाल से लगी सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद सीमा स्तंभों के बारे में स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली है।
इस दौरान सीमा स्तंभों की मरम्मत व गायब पिलरों के स्थान पर नया लगाने का काम कर रहे सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों से भी आवश्यक मंत्रणा कर काम को गति देने पर जोर दिया है। काम करा रही टीम को जरूरी निर्देश दिए हैं।
बता दें कि जिले से लगी नेपाल की करीब 114.54 किलोमीटर लंबी सीमा पर कुल 1237 सीमा स्तंभ स्थापित हैं। उनमें से 936 सुरक्षित हैं। 73 क्षतिग्रस्त और 233 भारतीय स्तंभ गायब हो चुके हैं। क्षतिग्रस्त स्तंभों की मरम्मत के साथ-साथ गायब सीमा स्तंभों को उनके निर्धारित स्थान पर लगाने का काम चल रहा है।
बताते हैं कि सीमा सुरक्षा को लेकर केंद्र व राज्य की सरकारें गंभीर हैं। इस सिलसिले में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बनी सहमति के बाद सीमा को सुरक्षित करने का काम चल रहा है।
सीमा सुरक्षा को लेकर दोनों देशों की संयुक्त सर्वे टीम ने सर्वे करने के बाद सीमा पर स्थापित स्तंभों को देखा था। साथ ही इस इलाके में कायम अतिक्रमण का भी जायजा लिया था।
दोनों देशों की प्रशासनिक टीम सीमा पर कायम अतिक्रमण को हटाया था। अब सीमा स्तंभ व अन्य सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इस कार्य की लगातार मानीटरिंग जिला स्तर पर की जा रही है।
भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र का निरीक्षण किया है। इस दौरान सीमा से अतिक्रमण हटाने और सीमा स्तंभों की मरम्मत व नए को लगाने के काम की प्रगति भी जानी है। काम चल रहा है। एसएसबी की टीम इसे करा रही है। शीघ्र ही इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।’
सौरभ सुमन यादव, जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण।