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    भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षित होंगे 5312 पिलर, दोनों देशों की ज्वाइंट टीम ने शुरू किया सर्वे

    Updated: Sun, 29 Mar 2026 10:35 AM (IST)

    भारत-नेपाल सीमा पर अतिक्रमण व घुसपैठ रोकने के लिए संयुक्त सर्वेक्षण शुरू हो गया है। सर्वे ऑफ इंडिया और नेपाल की टीमें बिहार के सात जिलों से लगी सीमा प ...और पढ़ें

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    संजय कुमार उपाध्याय, मोतिहारी। भारत -नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अतिक्रमण व घुसपैठ पर रोक लगाने की दिशा में दोनों देशों की ओर से दृढ़ता संग कदम बढ़ाए गए हैं।

    भारत सरकार की ओर से सर्वे ऑफ इंडिया व नेपाल की ओर से सर्वे ऑफ नेपाल की संयुक्त फील्ड सर्वे टीम (एफएसटी) ने शनिवार से दोनों की सीमा पर सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया।

    सर्वे टीम सीमांकन के लिए लगाए स्तंभों की वस्तु स्थिति देखेगी। सरकार की ओर से निर्धारित सभी मानकों पर सर्वेक्षण करेगी। टीम के साथ भारतीय इलाके सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल व बिहार पुलिस के अधिकारी व जवान सहयोग में रहेंगे।

    इसी के साथ उम्मीद जगी है कि अब इस अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अतिक्रमण की आड़ में घुसपैठ पूरी तरह से बंद हो जाएगा। कारण यह कि जहां एक ओर एफएसटी की ओर से सर्वेक्षण काम शुरू किया गया है।

    वहीं, दूसरी ओर भारत व नेपाल के सीमाई जिलों में सीमा पर कायम अतिक्रमण हटाया जा रहा है। नो मेंस लैंड को पूरी तरह खाली कराया जा रहा है, ताकि सीमांकन से संबंधित स्तंभ व चिह्न सुरक्षित रखे जा सकें।

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    सीमा के जानकार बताते हैं दोनों देशों की ओर से उठाए गए इस कदम का व्यापक लाभ दोनों देशों को होगा। सीमा से सटे इलाकों से घुसपैठ व अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को कार्रवाई करने में सहूलियत होगी।

    2025-26 में स्वीकृत योजना के तहत हो रहा काम, महीने भर लग सकता समय

    आधिकारिक सूत्रों के अनुसार दोनों देशों की संयुक्त टीम को सर्वेक्षण में महीने भर का समय लग सकता है। टीम को बिहार से लगी किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण से सटी सीमा का अवलोकन करना है।

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    इस बीच 15 दिनों में टीम एक रिपोर्ट संबंधित विभाग को प्रस्तुत करेगी। इसी के साथ आगे के कार्यों को विस्तार दिया जा सकेगा। बताया गया है कि सीमा क्षेत्र में विकास, सुरक्षा व सुव्यस्थित भूमि-प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार संकल्पित है।

    इस योजना से भारत-नेपाल सीमा के स्तंभों के रख-रखाव, पुनर्निर्माण व सर्वेक्षण कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही भारत-नेपाल के संबंध मजबूत होंगे। याद रहे कि भारत-नेपाल की सीमा पर करीब 5321 स्तंभ हैं।

    24 मार्च को फील्ड सर्वे टीम की पहली बैठक में बनी रणनीति

    याद रहे कि भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सर्वेक्षण व सीमा स्तंभों के रख-रखाव को लेकर पूर्वी चंपारण जिले से सटी नेपाल सीमा से सटे शहर रक्सौल में दोनों देशों के अधिकारी की एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के नेतृत्व में 24 मार्च को हुई।

    सीमा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए आयोजित इस बैठक में सर्वे ऑफ इंडिया व नेपाल के अधिकारियों के साथ बिहार के साथ जिलों के जिलाधिकारी के साथ नेपाल के संबंधित जिलों के सीडीओ व सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर सर्वेक्षण व सीमा के विविध पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। इस बैठक में तय रणनीति पर काम शुरू किया गया है।

    सर्वे ऑफ इंडिया व नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमांकन के लिए गए स्तंभों की वस्तु स्थिति देखेगी। सरकार की ओर से निर्धारित मानकों पर शनिवार से सर्वे का काम शुरू हो गया है। टीम के साथ सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल व बिहार पुलिस की टीम सहयोग करेगी। लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। समग्र रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दोनों देशों के अधिकारी सीमा से अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रहे। -सौरभ जोरवाल, जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण