Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    जीविका दीदियों के लिए एक और खुशखबरी, रोजगार के लिए ऋण वितरण शुरू

    By Rajan Kumar Singh Edited By: Ajit kumar
    Updated: Thu, 20 Nov 2025 07:33 PM (IST)

    Jeevika loan distribution: जीविका से जुड़ीं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अब बैंक ने भी सहयोग करना शुरू कर दिया है। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया न ...और पढ़ें

    Jeevika Didi loan: आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार भी लगातार प्रयास कर रही है। सौ: जीविका

     Jeevika Didi loan: आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार भी लगातार प्रयास कर रही है। सौ: जीविका

    संवाद सहयोगी, कोटवा (पूर्वी चंपारण)। Jeevika Didi loan: कुछ दिन पहले ही संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सबसे अधिक चर्चा यदि किसी समूह विशेष की हुई है तो वह है जीविका दीदियों का समूह। उनके स्वरोजगार के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की भी चुनाव के बाद भी चर्चा हो रही है।

    न केवल सरकार वरन बैंक भी महिलाओं विशेषकर जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए लगातार काम कर रहा है। उनकी आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए ऋण उपलब्ध करा रहा है जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। स्वरोजगार आरंभ कर सकें।

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025 संपन्न होने के साथ ही आचार संहिता हटा लिया गया है। इसके बाद से कल्याणकारी कार्य शुरू हो गए हैं। इसी क्रम में सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की ओर से जीविका दीदियों (Jeevika loan scheme Bihar) के बीच लोन बांटे जा रहे हैं।

    हालांकि राज्य सरकार की ओर से भी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत भी स्वरोजगार के लिए दो-दो लाख रुपये बतौर ऋण देने का वादा किया गया है। उससे पहले 10 हजार रुपये सीधे खाते में भेजे जा चुके हैं।

    खबरें और भी

    प्रखंड के सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की जसौली पट्टी शाखा स्थित कोटवा में बुधवार को मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम में जीविका से जुड़ी महिलाओं के समूहों को आर्थिक सहायता के लिए बड़े पैमाने पर ऋण वितरण किया गया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुल 15 हजार से अधिक जीविका दीदियों के खाते सेंट्रल बैंक में संचालित हो रहे हैं।

    सेंट्रल बैंक के रिजनल मैनेजर रणधीर कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि बैंक द्वारा अब तक जिले में कुल 21 करोड़ रुपये का ऋण जीविका दीदियों को सेंट्रल बैंक द्वारा उपलब्ध कराया गया है।

    उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक 30 करोड़ रुपये तक का ऋण वितरण करने का लक्ष्य निर्धारित है। आज के कार्यक्रम में 100 समूहों को 3 लाख रुपये प्रति समूह के हिसाब से ऋण उपलब्ध कराया गया।

    इसके साथ ही 21 करोड़ रुपये का डमी चेक भी जीविका दीदियों को प्रदान किया गया। अकेले जसौली पट्टी शाखा ने ही 3 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया है। कार्यक्रम के दौरान जीविका डीपीएम गणेश पासवान ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले समूहों को 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

    उन्होंने समूह संचालन, आर्थिक प्रबंधन और जीविका गतिविधियों के विस्तार पर विस्तृत जानकारी दी। कई जीविका दीदियों ने मंच से बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है और आज वे आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

    कार्यक्रम का संचालन बच्चा कुमार यादव ने किया। मौके पर चीफ मैनेजर अभिनव आनंद, वरीय शाखा प्रबंधक मोहम्मद इफ्तेखार, एफ आई मैनेजर राजू कुमार,जीविका के एलएचएस मौसम राज, सीसी प्रमोद कुमार, रानी कुमारी भारती, राकेश कुमार, सुबोध कुमार सहित बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और स्थानीय लोग मौजूद थे।

    जीविका दीदियों की आंखों में आत्ननिर्भर बनने की दिशा में एक और कदम बढ़ाने की खुशी दिख रही थी तो बैंक अधिकारी भी इनको स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर प्रसन्न नजर आ रहे थे। वे रोजगार को लाभकारी बनाने के उपायों के बारे में बात करते दिखे।

    अभी महिला रोजगार योजना के तहत मिले 10 हजार रुपये के उपयोग की बात की जा रही है। जीविका दीदियों से सवाल पूछे जा रहे हैं कि उन्होंने उन रुपयों का क्या किया? कई उम्मीद बढ़ाने वाले जवाब मिल रहे हैं। बकरियां खरीदने से लेकर पशुपालन शुरू करने तक की बात सामने आ रही है। किसी ने उन पैसों से सिलाई मशीन खरीदी है।