आंख में मिर्च झोंककर माथे में मारी थी गोली, पूर्वी चंपारण के डबल मर्डर केस में 6 दोषियों को उम्रकैद
पूर्वी चंपारण में दो सौतेले भाइयों की नृशंस हत्या के मामले में चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने छह नामजद आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई ह ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) । चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र नारायण सिंह ने दो सौतेले भाइयों की नृशंस हत्याकांड में सौतेले भाई सहित छह नामजद आरोपितों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी को पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड भी देने होंगे।
अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दंड की राशि वसूल पाए जाने पर राशि मृतक की मां सूचिका गोदावरी देवी को देय होगी।
वहीं न्यायाधीश ने सूचिका को पीड़ित घोषित करते हुए बिहार पीड़ित प्रतिकर क्षतिपूर्ति योजनांतर्गत मुआवजा राशि के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवश्यक करवाई के लिए आदेश की प्रति भेजने का आदेश दिया।
सजा घोड़ासहन थाना के जगीराहां कोठी निवासी सौतेले भाई स्व. बासुदेव राय के पुत्र जयसी लाल राय, शिवमंगल राय के पुत्र विजय राय, स्व. रामवरण राय के पुत्र शिवपूजन राय व लालबाबू राय, स्व. सूरज राय के पुत्र शिवपूजन राय एवं आदापुर थाना के कचूरबारी निवासी रामचंद्र प्रसाद के पुत्र गोपाल प्रसाद को हुई है।
मामले में घोड़ासहन थाना के जगीराहां निवासी स्व. बासदेव राय की विधवा गोदावरी देवी ने अपने दो पुत्रों रोशन कुमार एवं सोनू कुमार की निर्मम हत्या के मामले में घोड़ासहन थाना में कांड संख्या 355/2017 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराते हुए तेरह लोगों को नामजद किया था।
प्राथमिकी में कहा था कि उनके सौतेले पुत्र जयसी राय अपने सौतेले भाई राजकुमार राय, रोश राय व सोनू कुमार से काफी द्वेष रखता था। 4 जुलाई 2017 की रात्रि करीब 8.30 बजे अपना दुकान बंद कर उसका पुत्र रोश कुमार व सोनू कुमार मोटरसाइकिल से घर आ रहा था।
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जैसे वो अपने बथान के पास पहुंचा कि नामजद लोग दोनों के आंख में मिर्च का पाउडर झोंक दिया तथा मोटरसाइकिल रोक दिए। अभियुक्तों ने उसके दोनों पुत्रों के माथा में गोली मार दी तथा धारदार हथियार से मारकर घटना स्थल पर ही हत्या कर दी।
बताया कि पति सरकारी सेवा में थे। वो अपने पति की दूसरी पत्नी हैं। पहले पत्नी से अभियुक्त जायसी राय है। स्वर्गीय पति के चल अचल संपत्ति विवाद को लेकर उसके दोनों पुत्रों की हत्या कर दी गई।
सत्रवाद संख्या 1173/2017 विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक ईश्वरचंद्र दूबे ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। न्यायाधीश ने विगत 29 मई को ही नामजद अभियुक्तों को दोषी मुकर्रर कर उसके बंध पत्र को खंडित कर कारागार भेज दिया था। आज सजा की बिंदु पर दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने धारा 302,147,148 भादवि में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई।