पूर्वी चंपारण में 45 किलो गांजा तस्करी मामले में 4 लोगों को 11 साल की कैद, 3 लाख जुर्माना
पूर्वी चंपारण में 45 किलोग्राम गांजा बरामदगी मामले में एनडीपीएस कोर्ट ने चार अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। ...और पढ़ें

चार लोगों को 11 साल की कैद। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
मोतिहारी एनडीपीएस कोर्ट का गांजा तस्करी पर बड़ा फैसला।
चार अभियुक्तों को 11 वर्ष सश्रम कारावास की सजा।
प्रत्येक दोषी पर तीन-तीन लाख रुपये का अर्थदंड भी।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में चर्चित 45 किलोग्राम गांजा बरामदगी मामले में एनडीपीएस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) कोर्ट प्रथम की विशेष न्यायाधीश ने गांजा तस्करी मामले में चार अभियुक्तों को दोषी पाते हुए प्रत्येक को 11 वर्षों के सश्रम कारावास एवं तीन-तीन लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर सभी को छह माह की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।
सजा पाने वालों में पलनवा थाना क्षेत्र के सौनाहा निवासी स्व. रामचरण यादव के पुत्र उमाकांत यादव, दरभंगा जिले के दोनार चौक निवासी महेंद्र देव के पुत्र इंद्रकांत देव उर्फ रंजीत, बहादुरगंज थाना क्षेत्र के दिलावरपुर निवासी महेंद्र मंडल के पुत्र राजीव कुमार मंडल तथा मो. यूसुफ आजम के पुत्र मो. खुर्शीद आजम शामिल हैं।
मामले में एनसीबी जोनल यूनिट पटना के इंटेलीजेंस ऑफिसर अनिल कुमार प्रसाद ने एनसीबी वाद संख्याPZU/V/15/2019 दर्ज कराया था।
अभियोजन के अनुसार 8 जुलाई 2019 की सुबह रक्सौल पनटोका एसएसबी बटालियन से सूचना मिली थी कि रक्सौल थाना क्षेत्र के सौनाहा बाजार-सिसवा के पास एक मारुति कार से 45 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है तथा चालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सूचना के बाद एनसीबी की टीम पनटोका कैंप पहुंची और बरामद गांजा समेत चारों आरोपितों को अपने कब्जे में लिया। एनडीपीएस वाद संख्या 53/2019 के विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक मिथलेश कुमार वर्मा ने आधा दर्जन गवाहों की गवाही कराई।
खबरें और भी
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अभियुक्तों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि का समायोजन सजा की अवधि में किया जाएगा।