मोतिहारी SDO से 25 लाख की डिमांड, राजन की हिम्मत के पीछे कौन, बातचीत का रिकार्ड खंगाल रही पुलिस
राजन जायसवाल द्वारा मोतिहारी सदर एसडीओ अरुण कुमार की पोस्टिंग के बदले 25 लाख रुपये मांगने के मामले में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस एसडीओ और राजन के बी ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)
HighLights
एसडीओ की पोस्टिंग के बदले 25 लाख की मांग।
पुलिस रंगदारी मांगने वाले राजन जायसवाल की जांच कर रही।
एसडीओ और राजन दोनों सिवान जिले के निवासी।
संजय कुमार उपाध्याय, मोतिहारी । अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी अरुण कुमार की पोस्टिंग के बदले 25 लाख की रंगदारी मांगनेवाले राजन जायसवाल की बातचीत का रिकार्ड पुलिस खंगाल रही है।
पदस्थापना कोई पहली बार नहीं हुई है। हां यह जरूर है कि इस बार मोतिहारी सदर एसडीएम के रूप में हुई पोस्टिंग के बदले राजन जायसवाल ने 25 लाख मांग लिए।
इससे पहले भी श्री कुमार पूर्वी चंपारण जिले के दो महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके हैं। प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के दौरान वो किसी तरह के विवाद के लिए नहीं जाने गए।
इससे पहले वो अरेराज अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में 28 अगस्त 2023 से 15 दिसंबर 2025 तक पदस्थापित रहे। यहां के बाद वो पटना सचिवालय में चले गए। इसके कुछ महीनों बाद वो पूर्वी चंपारण के जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के पद पर 29 जनवरी 2026 को मोतिहारी आए।
अभी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के पद को धारण किए छह महीने हुए थे कि उनकी पोस्टिंग 12 जुलाई 2026 को मोतिहारी सदर अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में हो गई।
इसके बाद सिवान के राजन जायसवाल ने सदर एसडीओ के रूप में पदस्थापना के बदले 25 लाख रुपये मांगे। इसी के साथ पुलिस इस तथ्य की जांच कर रही है कि एसडीओ व राजन के बीच बातचीत कितने दिनों से चल रही थी।
एसडीएम ने भी पुलिस को दिए आवेदन में दो मोबाइल नंबरों का उल्लेख करते हुए कहा है कि राजन व्हाट्सएप चैट व काल के माध्यम से स्थानांतरण संबंधी बात कर रहा था।
पोस्टिंग से संबंधित अधिसूचना 12 जुलाई को जारी होने के बाद उसे 25 लाख रुपये मांगे और नहीं देने पर स्थानांतरण स्थगित कराने की धमकी दे दी। इन सबके बीच अब पुलिस जांच में राजन के इस हिम्मत के पीछे छिपे व्यक्ति की बात सामने आएगी।
सिवान का निवासी है राजन, एसडीओ भी इसी जिले के निवासी
सिवान जिले के नौतन थानाक्षेत्र के किलपुर तिवारी टोला खाप बाकट निवासी राजन जायसवाल ने अपने गृह जिले के मूल निवासी अधिकारी को अपने झांसे में लेने के लिए स्वयं को सिवान का निवासी बताया, जैसा कि प्राथमिकी आवेदन में जिक्र है।
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यहां बता दें कि एसडीओ भी सिवान के ही दक्षिण टोला निवासी है राजन ने अपनी छवि समाजसेवी की बना रखी है। हालांकि शुरू में यह छोटा व्यवसायी ही रहा है। हाल में तेजी से इसके पास पैसे बढ़े हैं।
बड़े हाकिमों से पहचान की मातहतों ने चुकाई कीमत
सूत्र बताते हैं राजन की पहचान सूबे के कई आइएएस व आइपीएस अधिकारियों से रही। उनके साथ की तस्वीर व रील्स भी उसने इंटरनेट मीडिया पर खूब प्रसारित किए। यह एक बड़ा कारण रहा कि निचले स्तर के अधिकारी उसके प्रभाव में रहे। कई बार उन्हें ना चाहते हुए भी राजन को अपने बगल में बैठाना पड़ा। इसी क्रम में कई लोग उसके शोषण का शिकार भी हुए।
- पूर्वी चंपारण में अरुण की तीसरी पोस्टिंग मोतिहारी एसडीओ के रूप में हुई, प्रशासनिक अधिकारी को पोस्टिंग में राजन का नाम पहली बार आया सामने
- 28 अगस्त 2023 को अरेराज के अनुमंडल पदाधिकारी बने अरुण, 15 दिसंबर 2025 को हुआ पटना स्थानांतरण, 29 जनवरी 2026 को जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बन लौटे मोतिहारी, छह महीने बाद मोतिहारी सदर के एसडीएम के रूप में हुई पदस्थापना
- सिवान जिले के दक्षिण टोला निवासी हैं एसडीओ, राजन भी इसी जिले के नौतन थानाक्षेत्र के किलपुर तिवारी टोला खाप बाकट निवासी, मोबाइल चैटिंग व काल डिटेल्स से सामने आएगा सच