रक्सौल: भारत-नेपाल सीमा पर 500 फीट की जगह 5 KM चलते हैं ग्रामीण, अधूरे निर्माण का झेल रहे दंश
भारत-नेपाल सीमा पर भेलाही से नोनेयाडीह को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनी सड़क का 500 फीट हिस्सा अधूरा है। करोड़ों खर्च होने के बावजूद ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, रक्सौल। भारत-नेपाल के सीमावर्ती गांवों को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण कार्य हुआ है। यहां तक की नदियों में पुल का भी निर्माण हुआ है। बावजूद इसके भेलाही से नोनेयाडीह को जोड़नेवाली सड़क अहिरवा टोला गांव के समीप करीब पांच सौ फीट तक अधूरा ही रह गया है।
अब तो अनुरक्षण अवधि भी करीब आ चुका है, लेकिन,अधूरा काम पूरा नहीं हो सका है। यह कार्य ग्रामीण कार्य विभाग के देखरेख में हुआ है। इस सड़क और नदी पर हुए पुल निर्माण कार्य में सरकार के करोड़ों रुपए खर्च हुए है, लेकिन इसका फायदा लोगों को नहीं मिल रहा है, जो विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान है।
आसपास के गांव के लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की जांच हो तो बरती गई अनियमितता की पोल खुल सकती है। इसकी शिकायत के लिए लोग जब विभाग में जाते है तो अधिकारी नदारद मिलते है।
मोबाइल पर फोन रिसिव ही नहीं करते है। ऐसे में आमजन अपनी शिकायत किससे करें। जो यह दर्शा रहा है कि आमजन परेशान है और स्थानीय अधिकारी कान में तेल डाल सोए हुए है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से अहम है भेलाही-नोनेयाडीह सड़क
भारत-नेपाल की सीमा से सटे भेलाही-नोनेयाडीह गांव को जोड़नेवाली सड़क का निर्माण रक्सौल एवं आदापुर प्रखंड के गांव के लोगों को आवागमन के लिए हुआ है। जिसमें पार्शियल समर सीवर योजना के तहत आरसीसी पुल का निर्माण सरिसवा नदी पर हुआ है, लेकिन, करीब पांच सौ फीट सड़क नहीं होने के कारण लोग इस रास्ते आवागमन नहीं कर पा रहे है।
इसकी वजह से अहिरवाटोला, सहदेवा, महदेवा, मुसहरवा,सिरिसिया माल आदि गांव के लोगों को करीब पांच किलोमीटर की अधिक दूरी तय कर रक्सौल पहुंचना पड़ता है।
वहीं इस मामले में विभाग अभी तक चुप्पी साधे हुए है। साथ ही वर्ष 2021 में सड़क का निर्माण कार्य भी हुआ है। जिसमें एक पुल के निर्माण पर करीब नब्बे लाख रुपए खर्च हुए है। पुल और सड़क बनकर तैयार हो गया है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण अहिरवाटोला गांव के समीप पांच सौ फीट सड़क निर्माण कार्य अभी तक नहीं हुआ है।
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करोड़ों रुपए की राशि खर्च होने के बाद भी इस सड़क से आवागमन नहीं हो रहा है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह सड़क काफी महत्वपूर्ण है। यह सड़क नो मेंस लैंड के समीप से गुजरती है।
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