रक्सौल रेलवे मालगोदाम से पहली बार चावल की कंटेनर रैक रवाना, व्यापार को मिलेगी नई गति
रक्सौल रेलवे मालगोदाम से पहली बार चावल से लदी 90 कंटेनरों की एक पूरी रैक गुवाहाटी के लिए रवाना की जाएगी, जो क्षेत्र के व्यापार और रेलवे के लिए एक महत् ...और पढ़ें

रक्सौल रेलवे मालगोदाम से पहली बार चावल की कंटेनर रैक रवाना, व्यापार को मिलेगी नई गति

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जागरण संवाददाता, रक्सौल। रक्सौल रेलवे मालगोदाम के इतिहास में पहली बार चावल से लदी एक पूर्ण कंटेनर रैक (90 कंटेनर) गुवाहाटी (असम) के लिए रवाना की जाएगी। इस उपलब्धि को क्षेत्र के व्यापार और रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इससे न केवल रेलवे की आय में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।
इस अवसर पर रिपुराज एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रिप्पू रमन ने स्टेशन प्रबंधक अजय कुमार राम, कानकार (कंटेनर कारपोरेशन आफ इंडिया) क्षेत्र संख्या-4 के प्रबंधक सुमंत बेहरा तथा लॉजिस्टिक सर्विस के शेखर लोहिया को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
उच्च गुणवत्ता वाले चावल की होगी आपूर्ति
रिप्पू रमन ने बताया कि एक कंटेनर में 27.30 टन चावल लोड किया गया है। इस प्रकार 90 कंटेनरों में कुल 2457 टन चावल गुवाहाटी भेजा जाएगा। इसमें हाई क्वालिटी एवं विभिन्न ब्रांडों जैसे सोना शक्ति, जायका, महाशक्ति, शक्ति जीरा आदि के चावल शामिल हैं। प्रत्येक कंटेनर में लगभग 1050 बैग चावल रखा गया है।
उन्होंने बताया कि एक रैक से रेलवे को लगभग 58 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। यदि प्रति माह चार रैक का संचालन होता है, तो रेलवे को सालाना 25 से 30 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है।
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कंटेनर परिवहन से बढ़ेगी सुरक्षा, घटेगा सड़क परिवहन का दबाव
स्टेशन प्रबंधक अजय कुमार राम एवं कॉनकॉर प्रबंधक सुमंत बेहरा ने बताया कि पूर्व में मालगोदाम के शेड में लोडिंग एवं अनलोडिंग के दौरान खाद्यान्न के धूल, बारिश एवं अन्य कारणों से प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी। कंटेनर प्रणाली से अब खाद्य सामग्री पूरी तरह सुरक्षित तरीके से सीधे गंतव्य तक पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि कंटेनर परिवहन से सड़क मार्ग पर दबाव कम होगा, ईंधन की बचत होगी तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। फैक्ट्री से सीधे उपभोक्ताओं तक माल पहुंचने से गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी।
रक्सौल बनेगा निर्यात एवं लोडिंग का नया केंद्र
व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब तक रक्सौल मुख्य रूप से नेपाल और अन्य देशों से आने वाले माल की अनलोडिंग का केंद्र रहा है, लेकिन अब यह लोडिंग प्वाइंट के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है।
व्यापारियों का मानना है कि इस पहल से पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण के साथ-साथ सीतामढ़ी जिले के उद्योगपति भी कंटेनर सेवा का उपयोग करने के लिए प्रेरित होंगे। इससे रेलवे की आय में वृद्धि के साथ क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे तथा व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।