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    पूर्वी चंपारण में नकली गहनों के चलते टूटी शादी, नेपाल से आई बारात को लौटना पड़ा

    Updated: Tue, 23 Jun 2026 05:52 PM (IST)

    Bihar News: पूर्वी चंपारण के सुगौली में नकली गहनों के कारण एक शादी टूट गई, जहाँ नेपाल से आई बारात को बिना दुल्हन के लौटना पड़ा। वधू पक्ष ने गहनों की ज ...और पढ़ें

    सुगौली के बेलवतिया में बैठे लोग। फोटो: जागरण

    सुगौली के बेलवतिया में बैठे लोग। फोटो: जागरण  

    संवाद सहयोगी, सुगौली (पूर्वी चंपारण)। East Champaran Marriage: पूर्वी चंपारण के सुगौली थाना क्षेत्र में शादी समारोह उस समय विवाद में बदल गया, जब नेपाल से आई बारात द्वारा दुल्हन के लिए भेजे गए आभूषण कथित रूप से नकली निकले।

    गहनों की जांच के बाद वधू पक्ष ने शादी से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और मामला पुलिस तक पहुंच गया।

    नेपाल के बारा जिले से आई थी बारात

    जानकारी के अनुसार, शुकुल पाकड़ पंचायत के बेलवतिया गांव निवासी लक्ष्मीनारायण सहनी ने अपनी पुत्री का विवाह नेपाल के बारा जिला स्थित प्रोसोतीपुर निवासी जुगुल सहनी के पुत्र सुभाष कुमार से तय किया था।

    तय कार्यक्रम के अनुसार 22 जून को नेपाल से बारात बेलवतिया गांव पहुंची। बारातियों का स्वागत किया गया और नाश्ते के बाद विवाह की रस्में शुरू होने लगीं।

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    गहने देखते ही मच गया हंगामा

    विवाह की परंपरा के तहत वर पक्ष की ओर से दुल्हन के लिए आभूषण भेजे गए। आरोप है कि जब वधू पक्ष के लोगों ने गहनों की जांच की तो वे नकली निकले।

    इसके बाद लड़की पक्ष के लोगों ने विवाह करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि यदि शादी से पहले ही इस तरह का धोखा दिया जा रहा है तो भविष्य में रिश्ते पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

    उपहार और खर्च वापस करने की मांग

    शादी टूटने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी तेज हो गई। वधू पक्ष ने आरोप लगाया कि शादी की तैयारियों में दिए गए उपहार और बाइक के लिए दिए गए पैसे वापस किए जाएं।

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    इस मांग को लेकर काफी देर तक विवाद चलता रहा। इसी बीच अधिकांश बाराती वहां से निकल गए, जबकि दूल्हा और उसके कुछ स्वजन गांव में ही रुक गए।

    मामले के समाधान का प्रयास

    घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और आपसी बातचीत से विवाद सुलझाने का प्रयास किया गया। पुलिस भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास जारी थे और कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका था।