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    गया के अमकोला में नल-जल योजना बनी शोपीस, पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे 600 परिवार

    Updated: Thu, 14 May 2026 03:27 PM (IST)

    मोहनपुर प्रखंड के अमकोला में नल-जल योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है, जिससे 600 परिवार शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. अमकोला में नल-जल योजना सिर्फ दिखावा बनकर रह गई।

    2. 600 परिवार शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं।

    3. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की।

    संवाद सूत्र, अमकोला (मोहनपुर)। मोहनपुर प्रखंड की ग्राम पंचायत अमकोला के वार्ड संख्या-9 में सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है।

    योजना के तहत लगभग 600 परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा किया गया था, लेकिन आज तक एक भी घर में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई पानी टंकी कई महीनों से खराब पड़ी हुई है और पूरे गांव के लोग पेयजल संकट झेलने को मजबूर हैं।

    ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का कार्य केवल कागजों और दिखावे तक सीमित रहा। पाइपलाइन और जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ठप है, जबकि गांव के लोग अब भी पुराने चापाकलों और अन्य असुरक्षित जल स्रोतों पर निर्भर हैं। खासकर गर्मी के दिनों में लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों एवं प्रखंड कार्यालय में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।

    ग्रामीणों का कहना है कि ना तो पंचायत के मुखिया स्थिति देखने पहुंचे और ना ही संबंधित अधिकारियों ने खराब पड़ी योजना को चालू कराने की गंभीर कोशिश की।

    इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी दीप्ति कुमारी सुमन ने बताया कि यह योजना पीएचईडी विभाग के अधीन है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि प्रखंड प्रशासन को भी जनता की समस्या के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए और संबंधित विभाग पर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

    ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा बंद पड़ी नल-जल योजना को शीघ्र चालू कराने की मांग की है, ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।

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