गया के चितोखर में प्राचीन शिव पंचायतन प्रतिमा मिली, भव्य मंदिर निर्माण की तैयारी
टिकारी के चितोखर गांव में आहर की खुदाई के दौरान मिली प्राचीन शिव पंचायतन प्रतिमा अब आस्था का केंद्र बन गई है। इसके दर्शन के लिए भीड़ उमड़ रही है और ग् ...और पढ़ें

गया के चितोखर में प्राचीन शिव पंचायतन प्रतिमा मिली, भव्य मंदिर निर्माण की तैयारी (जागरण)

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संवाद सहयोगी, टिकारी (गया)। टिकारी प्रखंड के चितोखर गांव में आहर की उड़ाही के दौरान मिली प्राचीन शिव पंचायतन प्रतिमा अब पूरे इलाके में श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बन गई है। प्रतिमा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने का सिलसिला लगातार जारी है।
प्रतिमा मिलने के बाद क्षेत्र में धार्मिक उत्साह को देखते हुए एक नए भव्य शिव मंदिर के निर्माण का निर्णय लिया गया है।
इस हेतु एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें अध्यक्ष के रूप में विक्की कुमार (राजीव कुशवाहा), उपाध्यक्ष विश्वनाथ कुमार, सचिव श्रीकांत प्रसाद, कोषाध्यक्ष दीना नाथ के अलावा पिंटू पासवान, आशीष रंजन, छोटू शर्मा, चितरंजन कुमार, सुनील कुमार, पुरुषोत्तम पासवान आदि कमेटी के सदस्य चुने गए हैं।
ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि इस ऐतिहासिक और दुर्लभ प्रतिमा के संरक्षण के लिए एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए स्थानीय लोगों ने सहयोग और जनसहभागिता से अभियान शुरू करने का संकल्प लिया है।
जानकारों के अनुसार, एक ही शिला में ब्रह्मा, विष्णु और महेश समाहित हैं। यह दिव्य प्रतिमा सनातन धर्म की असीम महिमा को दर्शाती है। भूगर्भ से निकली इस अद्भुत प्रतिमा के शीर्ष पर स्वयं भगवान शिव विराजमान हैं।
वहीं, मूर्ति के चारों तरफ बेहद बारीक और सुंदर नक्काशी के साथ सृष्टिकर्ता भगवान ब्रह्मा, पालनकर्ता भगवान विष्णु, संहारक भगवान महेश और साक्षात शक्ति स्वरूपा माता भगवती सहित कई देवी-देवताओं की आकृतियां अलग-अलग रूपों में साफ दिखाई दे रही हैं। मूर्ति की भव्यता और दिव्यता को देखकर हर कोई नतमस्तक है।
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इस महाचमत्कार के बाद पूरा चितोखर गांव शिवनगरी में तब्दील हो चुका है। हर तरफ केवल 'हर-हर महादेव' और 'जय सनातन धर्म' के नारे गूंज रहे हैं। प्रत्येक सोमवार को महिला श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। सुबह से शाम तक शिव-चर्चा और रात्रि में भजन-कीर्तन का आयोजन हो रहा है।