यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Deepa Manjhi political career: पूर्व CM मांझी की बहू ने जीत ली इमामगंज की जंग, इस राउंड तक आते-आते बदल गई दीपा की किस्मत
Imamganj Bypolls winner बिहार की इमामगंज विधानसभा सीट में हुए उपचुनाव में जीतन राम मांझी की बहु दीपा मांझी ने जीत हासिल की है। दीपा NDA उम्मीदवार थीं। ...और पढ़ें

HighLights
- इमामगंज उपचुनाव में दीपा मांझी की जीत
- राजद और जन सुराज के प्रत्याशियों को दी मात
डिजिटल डेस्क, गया। Imamganj Bypolls winner: बिहार की चारों सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आना शुरू हो गए हैं। इमामगंज सीट में हुए उपचुनाव में (Imamganj Upchunav Result 2024) जीतन राम मांझी ने अपनी बहु दीपा मांझी (Deepa Manjhi) को चुनावी मैदान में उतारा था, जिन्होंने जीत हासिल की है। दीपा ने राजद के रोशन मांझी (Roshan Manjhi) और जन सुराज (Jan Suraaj) के जितेन्द्र कुमार को पटखनी देकर इमामगंज सीट अपने नाम की है।
कौन हैं दीपा मांझी?
दीपा मांझी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की बहु और एनडीए की उम्मीदवार हैं, जिन्होंने इमामगंज विधानसभा सीट में हुए उपचुनाव में जीत दर्ज की है। दीपा 4 राउंड तक पीछे चल रही थीं। 5वें राउंड की काउंटिंग में बराबरी की और 6वें से आगे निकल गईं।
RJD और जुनसुराज के प्रत्याशियों को दी मात
इमामगंज सीट से जीत हासिल करने वाली दीपा मांझी पढ़ाई में भी RJD और जुनसुराज के प्रत्याशियों को मात देती हैं। उन्होंने एमए तक की पढ़ाई की है। वहीं RJD और जुनसुराज के प्रत्याशी केवल 12वीं पास हैं।
3 करोड़ से ज्यादा संपत्ति की मालिक
इमामगंज सीट से विधायक चुनी गईं दीपा मांझी ने चुनाव आयोग को दिए गए एफिडेफिड में अपनी संपत्ति तीन करोड़ 30 लाख रुपये बताई है।
दीपा मांझी पहली बार बनीं विधायक
- इमामगंज विधानसभा क्षेत्र वर्ष 1957 से अस्तित्व में आया था, तब से अब तक इस सीट पर पुरुष उम्मीदवार ही लगातार विजयी होते रहे।
- इस रिकॉर्ड को इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में एनडीए समर्थित हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेकुलर की उम्मीदवार दीपा मांझी ने तोड़ दिया।
- उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राजद के उम्मीदवार रोशन मांझी को 5 हजार 945 मतों से हरा कर जीत हासिल की।
- इमामगंज विधानसभा क्षेत्र से दीपा मांझी पहली महिला हैं, जो विधायक बनकर इमामगंज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी।
- इधर, दीपा मांझी की जीत हासिल करने पर एनडीए कार्यकर्ता एक दूसरे को बधाई देते हुए जीत की मिठाई खिलाते हुए दिखाई दिए।
हालांकि, जिस प्रकार से दीपा मांझी के ससुर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 2015-2020 में इमामगंज में हुए चुनाव में जितने मत से जीत दर्ज की थी। उसके अनुरूप दीपा मांझी ने जीत दर्ज नहीं की।
खबरें और भी
वर्ष 2015 में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लगभग 30 हजार मतों से जीत दर्ज की थी। वहीं, वर्ष 2020 में लगभग 17 हजार मतों से विजयी हुए थे। केंद्रीय मंत्री की परंपरागत सीट को बचाने में दीपा मांझी कामयाब जरूर हो गईं।
इन मुद्दों पर मतदाताओं ने किया भरोसा
इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि गया डाल्टेनगंज भाया इमामगंज, डुमरिया बांके बाजार होते हुए नई रेलवे लाइन के लिए केंद्र सरकार ने 426 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने एक टेक्नोलॉजी सेंटर इमामगंज में बनाने की बात कही थी। वहीं, इमामगंज में बड़ा अस्पताल, डिग्री कॉलेज, सड़क, पुल, इमामगंज को जिला एवं पुलिस जिला बनाने आदि की बातें कही गई थीं।