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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हजारों शिक्षकों की जा सकती है नौकरी... ई-शिक्षा पोर्टल से खुलेगी सच्चाई, विभाग को बस डेटा अपलोड होने का इंतजार

    Updated: Thu, 08 Feb 2024 03:44 PM (GMT+05:30)

    ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षकों द्वारा शैक्षणिक डेटा अपलोड करते ही उनके प्रमाण पत्रों की सत्यता की जानकारी शिक्षा विभाग को मिल जाएगी। शिक्षा विभाग के ...और पढ़ें

    हजारों शिक्षकों की जा सकती है नौकरी... ई-शिक्षा पोर्टल से खुलेगी सच्चाई
    हजारों शिक्षकों की जा सकती है नौकरी... ई-शिक्षा पोर्टल से खुलेगी सच्चाई

    जागरण संवाददाता, गया। जिले के प्रारंभिक एवं उच्च विद्यालय में कार्यरत करीब 14 हजार शिक्षकों का शैक्षणिक डेटा ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश जिला शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना के द्वारा छह माह पूर्व जारी किया गया था।

    अभी तक करीब नौ हजार शिक्षकों के द्वारा ही डेटा अपलोड किया गया है। उसमें भी कई शिक्षकों द्वारा गलत डेटा अपलोड कर दिया गया है। उन्हें दोबारा डेटा अपलोड करने का आदेश पत्र के माध्यम डीपीओ के द्वारा जारी किया गया है। जो संबंधित बीआरसी में जाकर अपना डेटा ई-शिक्षा कोष पर अपलोड करें। इसकी जानकारी डीईओ कार्यालय में दें।

    शिक्षक क्यों नहीं कर रहे डेटा अपलोड?

    ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षकों द्वारा शैक्षणिक डेटा अपलोड करते ही उनके प्रमाण पत्रों की सत्यता की जानकारी शिक्षा विभाग को मिल जाएगी। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि नियोजन इकाई के द्वारा कई शिक्षकों की नियुक्ति गलत तरीके से कर दी गई है। वैसे शिक्षकों का डेटा पोर्टल पर अपलोड होते ही उनके प्रमाण पत्रों एवं नियुक्ति की प्रक्रिया की सच्चाई का उजागर हो जाएगी। वैसी स्थिति में उनकी नौकरी पर भी आफत आ सकती है। वैसे शिक्षक ही अपना डेटा ई-शिक्षा कोष पर अपलोड नहीं कर रहे हैं।

    तीन आदेश के बाद भी अपलोड नहीं हुआ डेटा

    ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर सभी शिक्षकों को शैक्षणिक डेटा अपलोड करने का आदेश स्थापना डीपीओ के द्वारा 10 जुलाई 2023 को निकाला गया, लेकिन दो माह बाद भी सभी शिक्षक अपना डेटा अपलोड नहीं किया, तब जाकर डीपीओ द्वारा दूसरी बार 10 अक्टूबर 2023 को पत्र के माध्यम सभी शिक्षकों को डेटा ई-शिक्षा कोष के पोर्टल पर लोड करने को कहा गया। फिर भी सभी शिक्षक अपना डेटा ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर लोड नहीं किए।

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    तीसरी बार डीपीओ के द्वारा तीन नवंबर 2023 को पत्र के माध्यम सभी शिक्षकों को एक माह के अंदर डेटा ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया। इसके बावजूद भी करीब पांच हजार शिक्षक अपना डेटा ई-शिक्षा कोष के पोर्टल पर लोड नहीं किए।

    कई शिक्षकों का डेटा गलत

    शिक्षा विभाग के अनुसार ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर करीब नौ हजार शिक्षकों ने अपना डेटा अपलोड किया है। इसमें कई शिक्षकों का डेटा गलत है। प्रविष्ट की गई डाटाओं में भी भिन्नता है। स्थापना डीपीओ विद्यानंद ठाकुर के द्वारा दो फरवरी को पत्र जारी कर कहा कि प्रखंड में पदस्थापित शिक्षकों का डाटा में किसी प्रकार के संशोधन से संबंधित आवेदन अपने-अपने बीआरपी में प्राप्त कर प्रतिदिन उस की समेकन सूची एवं विहित पत्र में नई प्रविष्टि हेतु आवेदन अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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