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    बिहार पुलिस में दिखा 'नारी शक्ति' का दम, 36 हफ्ते की कड़ी ट्रेनिंग के बाद मैदान में उतरीं 1084 महिला सिपाही

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 05:13 PM (IST)

    बोधगया में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-3 परिसर में 1084 महिला प्रशिक्षु सिपाहियों ने 36 सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा कर शानदार पासिंग आउट परेड की। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 1084 महिला सिपाहियों ने बोधगया में प्रशिक्षण पूरा किया।

    2. पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने परेड की सलामी ली।

    3. संविधान के प्रति निष्ठा और जनसेवा की शपथ ली।

    संवाद सूत्र, बोधगया। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-3 बोधगया परिसर में शुक्रवार को 1084 महिला प्रशिक्षु सिपाहियों ने शानदार पासिंग आउट परेड के साथ अपने 36 सप्ताह के बुनियादी प्रशिक्षण को पूरा किया। अनुशासन, आत्मविश्वास और जोश से भरपूर परेड ने उपस्थित अधिकारियों, अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया।

    इस दीक्षांत परेड समारोह के मुख्य अतिथि मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईपीएस) विकास वैभव ने परेड की सलामी ली और नवदीक्षित महिला सिपाहियों को संविधान के प्रति निष्ठा, अनुशासन, सेवा, साहस और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कर्तव्य निर्वहन का संकल्प दिलाया।

    इस दौरान महिला सिपाहियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ आकर्षक परेड का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण में औरंगाबाद जिले की 268, भोजपुर की 282, नवादा की 254, शेखपुरा की 109, जहानाबाद की 93 तथा अरवल की 78 महिला प्रशिक्षु सिपाहियों ने भाग लिया।

    सभी ने 21 जुलाई 2025 से प्रारंभ हुए प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर बिहार पुलिस बल में शामिल होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।

    समारोह में वरीय पुलिस अधीक्षक गया सुशील कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक उपेंद्र प्रसाद, समादेष्टा-सह-प्राचार्य बीएसएपी-3 सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अधिकारियों ने नवदीक्षित महिला सिपाहियों को जनसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने का संदेश देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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    समादेष्टा-सह-प्राचार्य उपेंद्र प्रसाद, उप-प्राचार्य पूनम कुमारी तथा प्रशिक्षण प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक अमित नंदन ने प्रशिक्षण की सफलता पर सभी महिला सिपाहियों को बधाई देते हुए उन्हें राष्ट्र सेवा और कानून व्यवस्था की मजबूती के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम का संचालन एवं परेड का सफल निर्वहन पुलिस उपाधीक्षक रौली कुमारी तथा लेखापाल विजय कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

    आने वाले दिनों में बिहार पुलिस की भूमिका और अधिक होने जा रही है: विकास वैभव

    मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने बताया कि नवदीक्षित महिला सिपाहियों ने संकल्प लिया है कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कर्तव्य निभाते हुए बिहार पुलिस की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

    उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार पुलिस की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने में कानून-व्यवस्था की मजबूत भूमिका होगी। ऐसा भारत बनाने का लक्ष्य है, जहां किसी भी व्यक्ति को शिक्षा या रोजगार के लिए अपने राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। इसके लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त वातावरण आवश्यक है, जिसमें पुलिस की जिम्मेदारी सबसे अहम है।

    आईजी विकास वैभव ने कहा कि मगध क्षेत्र में पहले की तुलना में अपराध दर में कमी आई है, जो पुलिस की सतत कार्रवाई और बेहतर कानून-व्यवस्था का परिणाम है।

    मेरी मां एक नर्स और पिता किसान है, कड़ी मेहनत और लगन के बाद मैने यह उपलब्धि हासिल की है। लेकिन आगे भी प्रयास जारी रहेगा, ताकि अच्छे पद पर जा सकें। हमलोगों ने 36 सप्ताह तक कड़ी मेहनत कर प्रशिक्षण पूरा की हूं, आज बहुत खुशी महसूस हों रही है, और सबसे ज्यादा खुशी है कि मेरे मम्मी और पापा हमारे साथ है आज। - रुचि प्रिया, महिला प्रशिक्षु सिपाही, भागलपुर


    बिहार पुलिस की इस नौकरी पाने में मेरे परिवार के सभी सदस्यों का सहयोग मिला, सबसे अधिक मेरे माता पिता और पति ने सहयोग किया है। मेरे स्वजन किसान है और मैं डीएलड और सीटेट भी पास कर चुकी हूं। मैने अपने ससुराल में रहकर ये तैयारी की थी। आज मुझे बहुत खुशी मिल रही है। - महिला प्रशिक्षु सिपाही, प्रियंका कुमारी, समस्तीपुर

    हमारा गोल था दरोगा बनने का लेकिन अंक कम आने की वजह से दारोगा की नौकरी नहीं ले पाई, बिहार पुलिस में नौकरी मिल गई, मै इसी नौकरी में रहकर आगे की तैयारी करती रहूंगी। मेरे परिवार में यह पहला नौकरी है। परीक्षण के दौरान बहुत मेहनत करना पड़ा। पासिंग आउट के बाद अब हमलोग को अलग अलग जगहों पर पदस्थापित किया जाएगा। - महिला प्रशिक्षु सिपाही, सुलेखा कुमारी, बाढ़ पटना