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    Bihar Cabinet: सत्ता के हर समीकरण में फिट बैठे डॉ. संतोष सुमन, बिहार में पांचवीं बार बने मंत्री

    Updated: Thu, 07 May 2026 01:45 PM (IST)

    डॉ. संतोष कुमार सुमन ने सम्राट चौधरी सरकार में पांचवीं बार मंत्री पद की शपथ ली, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिरता और गयाजी जिले का कद बढ़ा है। ...और पढ़ें

    बिहार सरकार में मंत्री डॉ संतोष सुमन और उनके पिता केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी। फाइल फोटो

    बिहार सरकार में मंत्री डॉ संतोष सुमन और उनके पिता केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी। फाइल फोटो

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    सुभाष कुमार, गयाजी। बिहार की बदलती सियासत में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं, जो ज्यादा शोर नहीं करते, लेकिन हर राजनीतिक समीकरण में उनकी मौजूदगी महसूस की जाती है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ऐसा ही नाम बनकर उभरे हैं।

    गुरुवार को एनडीए के सम्राट चौधरी की सरकार में पांचवीं बार मंत्री पद की शपथ लेकर उन्होंने न सिर्फ अपनी राजनीतिक स्थिरता साबित की, बल्कि गयाजी जिले का राजनीतिक कद भी एक बार फिर बढ़ाया।

    पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे डॉ. संतोष सुमन अब बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

    शांत स्वभाव, सीमित बयानबाजी और संगठन पर मजबूत पकड़ ने उन्हें गठबंधन राजनीति का भरोसेमंद चेहरा बना दिया है। यही कारण है कि सत्ता चाहे एनडीए की रही हो या महागठबंधन की, हर दौर में उनकी राजनीतिक उपयोगिता बनी रही।

    गया से निकलकर पटना पहुंचे डॉ. संतोष सुमन

    गयाजी जिले से निकलकर पटना की सत्ता तक पहुंचने का उनका सफर लगातार मजबूत होता गया। राजनीति में आने से पहले शिक्षण कार्य से जुड़े रहे डॉ. संतोष सुमन की कार्यशैली अन्य नेताओं से अलग मानी जाती है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वे आक्रामक राजनीति के बजाय संतुलन और रणनीति के सहारे आगे बढ़े हैं। यही वजह है कि वे विवादों से दूर रहते हुए भी सत्ता के केंद्र में बने रहते हैं।

    पहली बार 2020 में बने थे मंत्री

    डॉ. संतोष सुमन ने पहली बार 16 नवंबर 2020 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में मंत्री पद की शपथ ली थी। उन्हें लघु सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद अगस्त 2022 में महागठबंधन सरकार बनने पर उन्हें अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग सौंपा गया।

    खबरें और भी

    जनवरी 2024 में बिहार की राजनीति में फिर बदलाव हुआ और एनडीए सरकार की वापसी पर वे तीसरी बार मंत्री बने।

    वर्ष 2025 के मंत्रिमंडल विस्तार में चौथी बार मौका मिला और अब गुरुवार 7 मई 2026 को एनडीए के सम्राट चौधरी की सरकार में पांचवीं बार मंत्री बनकर उन्होंने अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत होने का संकेत दिया है।

    सामाजिक और राजनीतिक संदेश

    राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए महादलित राजनीति बिहार में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। ऐसे में डॉ. संतोष सुमन का लगातार मंत्रिमंडल में बने रहना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है।

    गयाजी जिले के राजनीतिक हलकों में इसे गौरव के रूप में देखा जा रहा है। कम समय में राज्यस्तरीय राजनीति में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराकर डॉ. संतोष सुमन ने यह साबित किया है कि आने वाले वर्षों में बिहार की राजनीति में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।

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