यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gaya News: गया में अब तक सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड, CBI बनकर डॉक्टर से 4 करोड़ 40 लाख की ठगी; 123 अलग-अलग अकाउंट फ्रीज
गया में सीबीआई अफसर बनकर चिकित्सक से चार करोड़ 40 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सुर्खियों में आया है। गया में यह अब तक का सबसे बड़ा साइबर ठगी का केस ह ...और पढ़ें

HighLights
- 29 और 30 जुलाई को हुई थी गया में साइबर ठगी
- डॉक्टर ने छह अगस्त को दर्ज कराई थी प्राथमिकी
- 123 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुई राशि
जागरण संवाददाता, गया। गया शहर के चर्चित चिकित्सक डॉ. ए एन राय से सीबीआई का झांसा देकर साइबर क्राइम से जुड़े शातिरों एक बड़ी राशि की ठगी की है। पीड़ित चिकित्सक ने साइबर थाना में ठगी का मामला दर्ज कराया।
पीड़ित से साइबर क्राइम के शातिरों ने चार करोड़ 40 लाख रुपये ठगी की है। जो अब तक की साइबर ठगी में सबसे बड़ा मामला बताया गया है।
बताया गया कि पीड़ित चिकित्सक से बीते 29 व 30 जुलाई को ठगी हुई है। पीड़ित चिकित्सक ने बीते छह अगस्त को साइबर थाना में मामला दर्ज कराया है।
डरा-धमकाकर डॉक्टर से की गई ठगी
इस ठगी को लेकर गया पुलिस हरकत में आई। चिकित्सक से ठगी की जानकारी वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती को दी गई। उन्होंने बताया कि साइबर बदमाशों ने सीबीआई के नाम पर चर्चित चिकित्सक से धमका कर साइबर ठगी कर लिया गया।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने साइबर डीएसपी को तुरंत त्वरित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। इसके आलोक में पीड़ित चिकित्सक के आवेदन के आधार पर गया साइबर थाना कांड दर्ज किया गया। आईटी कांड दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया।
गया साइबर थाना द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए आवेदक के खाता से निकासी होने के उपरांत जमा (प्राप्त कर्ता) के खाता जो करीब 123 के संख्या में है, सभी का केवाईसी संबंधित बैंक से प्राप्त कर उक्त खाता धारक का सत्यापन किया जा रहा है।
अब तक 61 लाख रुपये कराया गया होल्ड
एसएसपी ने बताया कि ठगी की गई बड़ी राशि को देश के अलग-अलग 123 खाता में स्थानांतरण किया जा रहा है। वैसे सभी खाता की पहचान की जा रही है, जिस खाता में राशि स्थानांतरण हुआ है। उसकी तलाश की जा रही है।
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गया साइबर थाना के द्वारा एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से अब तक इस कांड में करीब 61 लाख रुपये होल्ड कराया गया है। जिसे विधिक प्रक्रिया पूर्ण कर पीड़ित चिकित्सक को राशि वापस दिलाने के लिए कार्यवाही की जा रही है।
इधर, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने साइबर बदमाशों की गिरफ्तारी तथा त्वरित अनुसंधान के लिए सिटी एसपी प्रेरणा कुमार के नेतृत्व में एसआइटी गठित किया गया है। टीम में डीएसपी साइबर तथा अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल हैं।