गया में 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का मासूम, रेस्क्यू के लिए पटना से रवाना हुई विशेष टीम
गया के फतेहपुर में चार साल का पीयूष कुमार खुले बोरिंग में गिर गया, जो लगभग 50 फीट की गहराई पर फंसा है। प्रशासन द्वारा ऑक्सीजन पाइप डालकर समानांतर खुदा ...और पढ़ें
HighLights
चार वर्षीय पियूष कुमार 300 फीट गहरे बोरिंग में गिरा।
बच्चा लगभग 50 फीट की गहराई पर फंसा है।
ऑक्सीजन पाइप डाला गया, समानांतर खुदाई जारी।
संवाद सूत्र, फतेहपुर (गया)। गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के गुरपा थाना क्षेत्र अंतर्गत कठौतिया केवाल पंचायत के रंगूनगर गांव में गुरुवार की शाम एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।
गांव निवासी दिनेश मांझी का चार वर्षीय पुत्र पीयूष कुमार खेलते-खेलते घर के बगल में बने खुले बोरिंग में गिर गया।
घटना शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। मासूम के बोरिंग में गिरते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। पूरा गांव बच्चे की सलामती की दुआ और उसके सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद में जुटा है।
300 फीट गहरा बोरिंग, 50 फीट पर फंसा है मासूम
ग्रामीणों के अनुसार बोरिंग की कुल गहराई लगभग 300 फीट है। इसमें पहले 50 फीट तक 12 इंच चौड़ा और उसके बाद 250 फीट तक छह इंच का बोर है।
प्रशासन का कहना है कि बच्चा करीब 50 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक बोरिंग के अंदर से बच्चे की आवाज भी सुनाई दे रही है।
इसी वजह से उसके सुरक्षित होने की उम्मीद अभी बनी हुई है। रेस्क्यू टीम बच्चे तक जल्द पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। बीडीओ शशि भूषण साहू, सीओ अमिता सिंहा और गुरपा थानाध्यक्ष शिवनंदन प्रसाद पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे।
अधिकारियों ने पहुंचते ही राहत और बचाव कार्य शुरू करा दिया। मौके पर स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
बचाव कार्य को लेकर ग्रामीणों के साथ समन्वय भी बनाया जा रहा है। प्रशासन ने बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए सभी जरूरी संसाधन जुटाने शुरू कर दिए हैं।
ऑक्सीजन पाइप डाला गया, समानांतर खुदाई जारी
प्रशासन की ओर से बोरिंग के भीतर ऑक्सीजन पाइप डाला गया है। इसका उद्देश्य बच्चे तक लगातार पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाना है।
वहीं दूसरी ओर जेसीबी मशीन से बोरिंग के समानांतर गड्ढे की खुदाई शुरू कर दी गई है। ताकि रेस्क्यू टीम सुरक्षित तरीके से बच्चे तक पहुंच सके।
मौके पर बचाव अभियान देर रात तक जारी रहा। हर गुजरते मिनट के साथ परिवार और ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।
पटना से रवाना हुई विशेष रेस्क्यू टीम
सीओ अमिता सिंहा ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल जिला मुख्यालय को दे दी गई है। इसके बाद पटना से विशेष रेस्क्यू टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है।
टीम के पहुंचते ही वैज्ञानिक तरीके से बचाव अभियान को और तेज किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि बच्चे को सुरक्षित निकालना पहली प्राथमिकता है।
इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
खुले बोरिंग को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग और नल-जल योजना के कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक माह पहले गांव में नल-जल योजना के तहत छह स्थानों पर बोरिंग कराई गई थी।
लेकिन किसी भी बोरिंग में सुरक्षा के लिए केसिंग पाइप नहीं लगाया गया। इतना ही नहीं, खुले बोरिंग को भी बंद नहीं किया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने दोषी अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
देर रात तक जुटी रही भीड़, दुआओं में डूबा पूरा गांव
घटनास्थल पर देर रात तक प्रशासन, पुलिस और ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद रही। मासूम के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार के लोग लगातार बच्चे के सकुशल बाहर आने की प्रार्थना कर रहे हैं। गांव में हर किसी की जुबान पर सिर्फ पीयूष का नाम है।
पूरे इलाके की निगाहें अब रेस्क्यू अभियान पर टिकी हुई हैं। सबकी एक ही उम्मीद है कि मासूम पियूष सुरक्षित अपने परिवार के बीच लौट आए।