DRM का आधी रात औचक निरीक्षण: महाबोधि और वंदे भारत में किया फुटप्लेट चेक
डीआरएम उदय सिंह मीणा ने डीडीयू-गया रेलखंड का औचक निरीक्षण किया, जिसमें महाबोधि और वंदे भारत एक्सप्रेस में फुटप्लेट चेक शामिल था। उन्होंने संरक्षा मानक ...और पढ़ें

निरीक्षण करते डीआरएम उदय सिंंह मीणा। जागरण
HighLights
डीआरएम ने डीडीयू-गया रेलखंड का आधी रात औचक निरीक्षण किया।
महाबोधि और वंदे भारत एक्सप्रेस में फुटप्लेट चेक कर संरक्षा परखी।
गया जंक्शन पर विकास कार्य और यात्री सुविधा की समीक्षा की।
जागरण संवाददाता, गयाजी। DRM उदय सिंह मीणा ने डीडीयू-गया रेलखंड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महाबोधि एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस में फुटप्लेट निरीक्षण कर रेल संचालन की बारीकियों को परखा।
निरीक्षण के दौरान गया स्टेशन प्रबंधक विनोद कुमार सिंह, एसएस-2 मिथिलेश कुमार, इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी के अलावे अन्य विभाग के रेल अधिकारी मौजूद थे।
महाबोधि एक्सप्रेस में फुटप्लेट से संरक्षा मानकों की जांच
निरीक्षण की शुरुआत रात करीब 23:20 बजे ट्रेन संख्या 12398 नई दिल्ली-गया महाबोधि एक्सप्रेस से हुई। डीआरएम ने डीडीयू जंक्शन से गया जंक्शन तक लोको केबिन में बैठकर फुटप्लेट निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने सिग्नल की दृश्यता, लोको पायलट की कॉल-आउट प्रक्रिया, ओचई सिस्टम, ट्रैक की स्थिति और लेवल क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था का गहन अवलोकन किया।
उन्होंने रनिंग स्टाफ के बीच ऑलराइट एक्सचेंज, गति सीमा अनुपालन और गश्ती दल की सक्रियता की भी समीक्षा की। डीआरएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
गया जंक्शन पर विकास कार्यों और ब्लॉक प्रबंधन की समीक्षा
गया जंक्शन पहुंचकर डीआरएम ने स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। लाइन संख्या 01 पर चल रहे ब्लॉक कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।\
यात्री भीड़ प्रबंधन और सुविधा व्यवस्था पर जोर
निरीक्षण के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर यात्री भीड़ प्रबंधन का विशेष आकलन किया गया। डीआरएम ने निर्देश दिया कि संकरे प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाए और यात्रियों के आवागमन को सुचारू रखा जाए।
उन्होंने साफ कहा कि यात्री सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वापसी में डीआरएम ने ट्रेन संख्या 20887 रांची–वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस से गया से डीडीयू तक पुनः फुटप्लेट निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने ट्रेन संचालन के मानकों, चालक दल की सतर्कता और ट्रैक व अवसंरचना की स्थिति की समीक्षा की।\
संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: डीआरएम
निरीक्षण के अंत में डीआरएम ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समन्वय, सतर्कता और जिम्मेदारी से ही सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल संचालन संभव है।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की कि वे स्टेशन पर नियमों का पालन करें, अनाउंसमेंट पर ध्यान दें और भीड़भाड़ में सावधानी बरतें। यात्रियों की सुविधा के लिए 139 हेल्पलाइन,रेल वन ऐप और एनटीईएस का उपयोग करने की सलाह दी गई।