गया में देशभर के किसानों ने सीखी मिलेट्स की खेती की तकनीक, 7 तरह के मोटे अनाज देखकर चौंके; 233 किसान पहुंचे
गया के मायापुर स्थित बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में देशभर के 233 किसानों और 17 अधिकारियों ने मोटे अनाज की ...और पढ़ें

खेत में उतरकर किसानों ने समझी खेती की तकनीक
संवाद सूत्र, फतेहपुर (गया)। बिहार के गया जिले के मायापुर स्थित बिहार सेंटर आफ एक्सीलेंस फार मिलेट्स वैल्यू चेन में देशभर से पहुंचे किसान अब मोटे अनाज की खेती को करीब से समझ रहे हैं।
16 से 18 सितंबर तक महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों से 233 किसान और 17 अधिकारी केंद्र पहुंचे। यहां किसानों को मिलेट्स के उत्पादन से लेकर बीज तैयार करने और प्रसंस्करण तक की तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया।
खेत में उतरकर किसानों ने समझी खेती की तकनीक
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मिलेट्स की उत्पादन तकनीक और मिलेट आधारित फसल प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद उन्हें केंद्र के खेतों में ले जाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया गया।
किसानों ने खेतों में बाजरा, रागी, सांवा, कोदो, कंगनी, चेना और कुटकी समेत सात प्रकार के मिलेट्स की खेती को नजदीक से देखा।
महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक के किसान पहुंचे
16 सितंबर को स्वयं शिक्षण प्रयोग, पुणे से 40 किसान और तीन अधिकारी तथा जनसेवाश्रम चक्रनाग्राम, आजमगढ़ से 100 किसान और चार अधिकारी पहुंचे।
17 सितंबर को एटीएमए गोरखपुर से 64 किसान और तीन अधिकारियों ने केंद्र का भ्रमण किया। 18 सितंबर को एटीएमए सारण से 19 किसान व पांच अधिकारी तथा नालंदा से 50 किसान व दो अधिकारी प्रशिक्षण के लिए पहुंचे।
बीज उत्पादन से बढ़ेगी किसानों की आत्मनिर्भरता
किसानों को मिलेट्स की खेती के साथ बीज उत्पादन की तकनीक की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि बेहतर उत्पादन के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज और वैज्ञानिक तरीके से खेती जरूरी है।
खेत स्तर पर किसानों को इन तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया, ताकि वे अपने क्षेत्रों में इसे अपना सकें।
फसल के बाद प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन पर जोर
इक्रीसैट के वैज्ञानिकों ने किसानों को मिलेट्स की खेती के साथ उसके प्रसंस्करण की प्रक्रिया भी समझाई। किसानों ने मूल्यवर्धन से जुड़ी गतिविधियों को देखा और आधुनिक प्रसंस्करण तकनीक की जानकारी ली।
इससे किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय मिलेट्स से जुड़े आगे के अवसरों को समझने में मदद मिली।
अपने क्षेत्रों में मिलेट्स को बढ़ावा देने की तैयारी
केंद्र में चल रहे प्रशिक्षण और फील्ड एक्सपोजर के माध्यम से किसानों को मिलेट्स की पूरी वैल्यू चेन की जानकारी दी जा रही है।
उत्पादन, बीज तैयार करने और प्रसंस्करण की तकनीक सीखने के बाद किसानों को अपने-अपने क्षेत्रों में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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