गया को डिवीजन बनाने और महानगरों तक डायरेक्ट ट्रेन की मांग तेज; कांग्रेस ने धरना देकर सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस पार्टी ने गया जंक्शन को रेलवे डिवीजन बनाने और अन्य रेल संबंधी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री को ज्ञापन सौंपकर सीध ...और पढ़ें

गया जंक्शन को रेलवे डिवीजन बनाने की मांग को लेकर स्टेशन प्रबंधक को मांग पत्र सौंपते कांग्रेस कार्यकर्ता। सौजन्य: पार्टी
HighLights
गया जंक्शन को रेलवे डिवीजन बनाने की मांग तेज।
कांग्रेस ने रेल मंत्री को सौंपा विस्तृत ज्ञापन।
सीधी ट्रेनों और रियायतों की बहाली की मांग।
जागरण संवाददाता, गयाजी। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी बोधगया का प्रवेश द्वार और पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों में शामिल गया जंक्शन को रेलवे डिवीजन बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है।
मंगलवार को कांग्रेस पार्टी ने गया जंक्शन परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन कर वर्षों से लंबित रेल संबंधी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शन के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम गया स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार सिंह के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
शहर की महत्ता देखते हुए प्रमुखता से रखी मांग
धरना की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुन्ना ने की। इस अवसर पर प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली सहित कई नेताओं ने कहा कि गया धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाला शहर है।
हर वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटक और श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसे में गया जंक्शन को डिवीजन का दर्जा दिए जाने से पूरे मध्य और दक्षिण बिहार के रेल प्रशासन को नई दिशा मिलेगी तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
धरना में नेताओं ने गया से मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद और पुरी के लिए सीधी ट्रेनों के परिचालन की मांग की। उनका कहना था कि इन महानगरों के लिए बड़ी संख्या में यात्रियों को अब भी दूसरे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
यदि गया से सीधी रेल सेवा शुरू होती है तो यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। धरना में राम प्रमोद सिंह, युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, प्रदीप शर्मा, टिंकू गिरी, शिव कुमार चौरसिया आदि कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बंद रियायतें बहाल करने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने कोरोना काल के बाद बंद हुई वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों और खिलाड़ियों को रेलवे टिकट में मिलने वाली रियायत पुनः शुरू करने की मांग भी उठाई।
उनका कहना था कि समाज के इन वर्गों को पहले मिलने वाली सुविधा बहाल करना जनहित में आवश्यक है।
छोटे स्टेशनों के विकास पर भी जोर
ज्ञापन में चाकंद, बेलागंज, ईश्वर चौधरी हॉल्ट, मानपुर, बंधुआ, पैमार, करजरा और काष्ठा जैसे स्टेशनों के आधुनिकीकरण, यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा मूलभूत ढांचे को मजबूत करने की मांग की गई।
साथ ही जिले के विभिन्न रेलवे क्रॉसिंग पर रेल ओवरब्रिज निर्माण की आवश्यकता भी बताई गई ताकि जाम की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।